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चौधरी अमरीक सिंह

मुरादाबाद (परिपाटी न्यूज) तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित 97 मुकदमों सहित कुल 3,690 मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर चकबंदी लेखपालों की कार्यशैली में लापरवाही मिलने पर होगी एफआईआर, किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के 40 गांवों में प्रभावी चकबंदी प्रक्रिया को यथाशीघ्र पूर्ण कराने तथा लंबित मुकदमों की सुनवाई करते हुए उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चकबंदी प्रक्रिया की प्रगति, लंबित मुकदमों की स्थिति तथा किसानों की समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा की। एसओसी चकबंदी ने अवगत कराया कि वर्तमान में चकबंदी से संबंधित कुल 3,690 मुकदमे लंबित हैं, जिनमें 97 मुकदमे ऐसे हैं, जो तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित चल रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू की जाए। प्रत्येक मुकदमे में नियमित सुनवाई करते हुए नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

विशेष रूप से लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए उनके निस्तारण में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों एवं संबंधित पक्षकारों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी चकबंदी अधिकारी एवं सहायक चकबंदी अधिकारी आगामी समीक्षा बैठक में इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे कि उनके क्षेत्र में वरासत से संबंधित सभी प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण कर दिया गया है। धान खरीद के अंतर्गत सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चकबंदी लेखपालों की कार्यशैली में अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी की पुष्टि होने पर संबंधित लेखपाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धान खरीद से संबंधित सत्यापन कार्य पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं नियमानुसार किया जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने चकबंदी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्मिकों के कार्यों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि चकबंदी से संबंधित मामलों में अनावश्यक देरी न हो और ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एसओसी चकबंदी ने बताया कि वर्तमान में जनपद के 40 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया प्रभावी है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन सभी गांवों में चकबंदी अधिकारी निर्धारित दिवसों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें तथा चकबंदी से संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार समाधान कराएं। बैठक में एडीएम प्रशासन प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर वंदना मिश्रा सहित चकबंदी विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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