मुनेश चन्द शर्मा।
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) किसानों को 48 घंटे के अंदर भुगतान सुनिश्चित करें, क्रय केंद्रों पर शासन के निर्देशानुसार हों सभी व्यवस्थाएं जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में धान खरीद वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान विक्रय करने वाले किसानों को नियमानुसार 48 घंटे के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी धान क्रय केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें तथा धान खरीद का कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि धान खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और पात्र किसानों को योजना का लाभ समय से मिले। उन्होंने कहा कि धान खरीद के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए धान खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित कराएं।

बैठक में डिप्टी आरएमओ श्याम मिश्रा ने बताया कि जनपद में धान खरीद का कार्य 12 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 15 फरवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस वर्ष जनपद को 63,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए कुल 37 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें खाद्य एवं रसद विभाग (एफसीएस) के 26, प्रांतीय सहकारी संघ (पीसीएफ) के 10 तथा भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य कॉमन श्रेणी के लिए 2,441 रुपये प्रति कुंतल तथा ग्रेड-ए श्रेणी के लिए 2,461 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। क्रय केंद्र प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होंगे। सभी क्रय केंद्रों की जियो-टैगिंग तथा पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि धान विक्रय के लिए किसान खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in तथा किसान मित्र ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण अथवा धान खरीद से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष धान खरीद की प्रक्रिया फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने बैठक में अवगत कराया कि जनपद में 95 प्रतिशत से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कराने तथा धान खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
