नसीम अंसारी
हरिद्वार। (परिपाटी न्यूज़) कनखल क्षेत्र के जमालपुर कला खोकरा मुखिया मार्ग की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। कई गांवों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जगह जगह बने गहरे गड्ढे और उनमें भरा गंदा पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। हालात ऐसे हैं। कि सड़क पर गड्ढे दिखाई नहीं देते बल्कि ऐसा लगता है। मानो गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची हो। बारिश या सड़क पर बहते पानी के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों को जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। समाजसेवक जमशेद अंसारी ने मार्ग की बदहाली पर चिंता जताते हुए संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है। कि लोगों की परेशानी दूर करने की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गड्ढों में भरा पानी हादसों का बढ़ता खतरा जमालपुर कला खोकरा मुखिया मार्ग पर बने गड्ढों में गंदा पानी भरा होने के कारण राहगीरों को यह समझ नहीं आता कि आगे सड़क कितनी गहरी और खराब है। वाहन चालक जब इन गड्ढों से गुजरते हैं। तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है। पानी के नीचे छिपे गड्ढे कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सवाल यह है। कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। या समय रहते सड़क की मरम्मत कराई जाएगी बदबूदार पानी से गुजर रहे स्कूली बच्चे मार्ग की सबसे चिंताजनक स्थिति स्कूली बच्चों को लेकर है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सड़क पर बहते पानी से उठती दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है अभिभावकों के लिए भी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही चिंता का विषय बन सकती है। बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़े तो उनकी परेशानी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। आखिर बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर संबंधित विभाग कब गंभीरता दिखाएगा? त्योहारों के समय बढ़ी लोगों की परेशानी त्योहारों का समय होने के कारण बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

लोग जरूरी सामान खरीदने और अपने कामकाज के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन सड़क की बदहाली उनके सफर को मुश्किल बना रही है। गड्ढों में भरे गंदे पानी के बीच से निकलना लोगों की मजबूरी बन गया है। सवाल उठता है कि जब त्योहारों के समय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए तब उन्हें बदहाल सड़क और दुर्गंध का सामना क्यों करना पड़ रहा है? कई गांवों को जोड़ने वाले मार्ग की सुध कौन लेगा? जमालपुर कला खोकरा मुखिया मार्ग केवल एक सड़क नहीं बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। ऐसे मार्ग की खराब स्थिति का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के बीच सड़क की मरम्मत का मुद्दा अहम हो गया है। यदि समय रहते गड्ढों को भरकर जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों की परेशानी आगे भी बनी रह सकती है। स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी भी अहम सड़क की बदहाली दूर कराने के लिए संबंधित विभाग की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन स्थानीय स्तर पर समस्या को सामने लाना और अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाना भी जरूरी है। ग्रामीणों को चाहिए कि वे सड़क की स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएं ताकि समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। वहीं विभाग को भी केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। अब सवालों के घेरे में संबंधित विभाग समाजसेवक जमशेद अंसारी ने सड़क की मरम्मत कराकर लोगों को राहत देने की मांग की है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या सड़क के गड्ढों को भरकर गंदे पानी की निकासी का इंतजाम किया जाएगा? क्या स्कूली बच्चों और राहगीरों को इस परेशानी से राहत मिलेगी? या फिर लोग इसी तरह बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर रहेंगे फिलहाल जमालपुर कला खोकरा मुखिया मार्ग की स्थिति सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
