अवधेश कुमार मौर्य
सीतापुर (परिपाटी न्यूज़) सीतापुर बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीतापुर और आजमगढ़ की दो युवतियों राधा और बबीता का नाम सामने आया है। आरोप है कि दोनों युवतियों ने कूरियर के रूप में ट्रेन के जरिए मुंबई तक पिस्तौल और कारतूस पहुंचाई थी, जिसके बदले उन्हें 10 से 12 हजार रुपये दिए गए थे। मुख्य आरोपी कुणाल के साथ राधा की संलिप्तता बताई जा रही है। दोनों युवतियों की उम्र 23 वर्ष है और पूर्व में उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। घटना का विवरण: 18 अक्टूबर 2026 की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलकर लौट रहे अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर तीन बाइक सवारों ने फायरिंग की थी। हमले में टाइगर सुरक्षित रहे, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया था, जिन्हें टाइगर खुद अस्पताल लेकर पहुंचे थे। गिरफ्तारी की कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21 वर्ष) और सुमित (19 वर्ष) के साथ-साथ बबीता और राधा को गिरफ्तार किया। इससे पहले सोमवार को फायरिंग के अन्य आरोपी बिहार के रितिक तथा हरियाणा के रेहान और फूल सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया गया था। आजमगढ़ की बबीता का पक्ष और पृष्ठभूमि बबीता आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र के कटिहार गांव की रहने वाली है। उसकी बहन नीलम ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे राजस्थान में काम करने वाले उनके छोटे भाई दीपक के पास दिल्ली पुलिस का फोन आया, जिसमें बताया गया कि बबीता और उसकी सहेली को हथियारों के साथ पकड़ा गया है। नीलम के मुताबिक, राधा बबीता को यह कहकर मुंबई लेकर गई थी कि वे एक मंदिर में दर्शन करने जा रही हैं। मंदिर जाने के नाम पर उन्हें मुंबई ले जाया गया और इस मामले में फंसा दिया गया। बबीता के पिता रामजतन राम खेती-किसानी और मजदूरी करते हैं। दो साल पहले गांव के ही राजनाथ और उनकी पत्नी पूजा ने सोनीपत में पैकिंग के काम के लिए 10-12 हजार रुपये मिलने की बात कही थी, जिसके बाद बबीता अपनी चचेरी बहन के साथ वहां चली गई थी। कुछ समय बाद राजनाथ दम्पति गांव लौट आए, लेकिन बबीता सोनीपत में ही रहकर काम करती रही। सोनीपत में ही उसकी मुलाकात सीतापुर की राधा से हुई थी। बबीता तीन बहनों में सबसे छोटी है और उसने स्नातक तक की पढ़ाई की है। उसके दो भाई हैं, जो राजस्थान और लुधियाना में काम करते हैं। सीतापुर की राधा का पक्ष और पृष्ठभूमि गिरफ्तार राधा सीतापुर जिले के मिश्रीख थाना क्षेत्र के ग्राम नवैया की रहने वाली है। सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस ने उसके घर जाकर जांच की। राधा के पूर्व पति सुनील ने बताया कि उनकी शादी 2015 में हुई थी, लेकिन साल 2018 में उनका रिश्ता टूट गया था। शादी के डेढ़-दो साल बाद एक रात राधा अपने मौसेरे भाई के साथ अपने एक साल के बेटे को लेकर चली गई थी। वह युवक कानपुर के दादुरपुर का रहने वाला था और राधा को मुंबई ले गया था, जहां दोनों छोटे-मोटे काम करने लगे। इसी दौरान राधा की मुलाकात कुणाल से हुई।

राधा की मां नैना देवी ने बताया कि उनकी बेटी से 19 अक्टूबर की शाम को आखिरी बार बात हुई थी। करीब एक साल पहले राधा अपने भाई के साथ काम की तलाश में हरियाणा गई थी। भाई तो गांव लौट आया, लेकिन राधा वहीं एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगी और हर महीने 13 से 14 हजार रुपये कमाने लगी। वह अपने खर्च के साथ बेटे की परवरिश के लिए घर भी पैसे भेजती थी। इस साल अप्रैल में वह भाई की शादी में गांव आई थी और दीपावली पर दोबारा आने की बात कही थी। राधा तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ी है। उसका 7 साल का बेटा रितिक गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता है, जबकि उसके पिता गौशाला में काम करते हैं और भाई मजदूरी करते हैं। आपराधिक नेटवर्क और कूरियर का काम जांच में सामने आया है कि बबीता और राधा हरियाणा के बहालगढ़ में किराए के मकान में रहती थीं। सोनीपत का रहने वाला कुणाल 10वीं पास है और एक होटल में नौकरी करता था। उसकी राधा से जान पहचान थी और वह पहले भी एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन युवतियों को अनजाने में इस साजिश में शामिल किया गया था या वे सोची-समझी रणनीति के तहत इस गैंग के संपर्क में थीं।
