रक्षक राजपूत
बिजनौर(परिपाटी न्यूज़)। कोतवाली देहात क्षेत्र के पेरूवाला गांव में रामलीला मंचन रोके जाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आ गया है। वीडियो में ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले 52 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला का मंचन पुलिस प्रशासन ने रुकवा दिया। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने एसपी बिजनौर से मदद की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी रामलीला मंचन को रोकने के लिए बोल दिया गया है। वीडियो में ग्रामीण भारतीय जनता पार्टी के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए उसके प्रतिनिधियों के गांव में आने का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की प्रतिक्रिया सामने आई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजनौर पुलिस और प्रशासन द्वारा किसी भी स्थान पर रामलीला का मंचन नहीं रोका गया है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और ग्रामवासियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसपी ने यह भी कहा कि रामलीला के दौरान अश्लील नृत्य नहीं होना चाहिए और धार्मिक आयोजन की पवित्र गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए। अब वायरल वीडियो में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस अधीक्षक के स्पष्टीकरण के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है
