रोनिक गोयल
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)
नहटौर। हैल्थ एंड एजुकेशन प्रमोशन ट्रस्ट (हैप्ट) की ओर से संचालित स्वस्थ नहटौर मिशन के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न बीमारियों से बचाव और आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के पहले तीन चरणों में नगर के छह शिक्षण संस्थानों के 444 विद्यार्थी और 28 शिक्षक शामिल हो चुके हैं। विद्यार्थियों को डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के महत्व की जानकारी दी गई।

सोमवार को अभियान के तीसरे चरण में एचएमआई इंटर कॉलेज और राजेश्वरी मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 182 विद्यार्थियों और आठ शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इससे पहले राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मुस्लिम फंड गर्ल्स इंटर कॉलेज, एसएनएसएम इंटर कॉलेज और ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें 262 विद्यार्थी और 20 शिक्षक शामिल हुए। स्वस्थ नहटौर मिशन के संरक्षक डॉ. विकास त्यागी (एमबीबीएस, एमडी) ने स्वास्थ्य जागरूकता सत्र और सीपीआर कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यार्थियों को सीपीआर तकनीक का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तंबाकू व नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता बताई। डॉ. त्यागी ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को शुगर तथा ब्लड प्रेशर की नियमित जांच के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी पत्रक भी वितरित किए गए। इनमें खाली पेट और भोजन के दो घंटे बाद शुगर की जांच तथा ब्लड प्रेशर के सामान्य स्तर की जानकारी दी गई। रीडिंग बढ़ी हुई आने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह भी दी गई। विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और पड़ोस में रहने वाले बुजुर्गों को स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया, ताकि जागरूकता का संदेश परिवारों तक पहुंच सके। एचएमआई इंटर कॉलेज के वरिष्ठ अध्यापक अलीम अहमद और राजेश्वरी मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज के वरिष्ठ अध्यापक शमशाद अहमद ने इस पहल की सराहना की। हैप्ट के सचिव गिजाल मैहदी ने बताया कि अभियान को नहटौर के सभी 12 सीनियर सेकेंडरी एवं इंटरमीडिएट स्तर के शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत कक्षा 11 और 12 के लगभग 700 से 800 विद्यार्थियों को जागरूक करने का लक्ष्य है। अभियान में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हैप्ट की स्थापना स्वास्थ्य और शिक्षा को जीवन के दो महत्वपूर्ण आधार मानते हुए की गई है। शिक्षा का उद्देश्य केवल स्कूली पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का विकास करना भी है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है। अभियान का समापन 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली के साथ होगा। इस दौरान फराज खुर्शीद और अब्दुल कादिर के नेतृत्व में हैप्ट के स्वास्थ्य स्वयंसेवकों की टीम मौजूद रही।
