हरिद्वार (परिपाटी न्यूज़)। हरिद्वार के गाजीवाली एवं श्यामपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में तैनात विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) अरविंद यादव की कार्यशैली मनमानीपूर्ण है। उनका कहना है कि समय-समय पर बिना संतोषजनक जानकारी दिए बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। जब इस संबंध में जानकारी मांगी जाती है, तो कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ग्रामीणों ने क्षेत्र में विद्युत कनेक्शनों, ट्रांसफार्मरों की क्षमता तथा विद्युत संबंधी कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में कुछ बड़े भवनों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था और लगाए गए ट्रांसफार्मरों की क्षमता की जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कहीं निर्धारित क्षमता से कम केवीए के ट्रांसफार्मर तो नहीं लगाए गए हैं। जबकि अपार्टमेंट्स और बड़े भवनों में अधिक केवीए के ट्रांसफार्मर लगाने के स्थान पर काम केवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इसके अतिरिक्त, कुछ ग्रामीणों ने विद्युत लाइन से संबंधित कार्य कराने के नाम पर लाइनमैन द्वारा समय पर कामना करने के आरोप भी लगाए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है। मामले को लेकर जब परिपाटी न्यूज़ की ओर से संबंधित जेई से बातचीत कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो समाचार प्रतिनिधि के अनुसार, उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उल्टा जवाब दिया। इसके बाद विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी, अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), को फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दी गई। वहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित जेई लंबे समय से श्यामपुर क्षेत्र में तैनात हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी ग्रामीणों की इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं? क्या बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मरों की क्षमता और कथित मामले से जुड़े आरोपों की जांच कराई जाएगी? या फिर ग्रामीणों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?फिलहाल, मामले में संबंधित विभाग की जांच, आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।
