सुनील चौहान
हरिद्वार (परिपाटी न्यूज़) समाज सेवा का वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। इसी भावना को साकार करते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में समाजसेवियों ने दलपत प्रजापति को अपनी निजी धनराशि से इलेक्ट्रॉनिक चाक भेंट किया। इस पहल का उद्देश्य प्रजापति परिवार को अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने, काम को आसान बनाने तथा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहयोग प्रदान करना है। इलेक्ट्रॉनिक चाक मिलने से दलपत प्रजापति को मिट्टी के बर्तन तैयार करने के अपने पारंपरिक कार्य में सुविधा मिलने की उम्मीद है। कुम्हार समाज का पारंपरिक व्यवसाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दीपावली, नवरात्र, विवाह समारोहों तथा अन्य धार्मिक एवं सामाजिक अवसरों पर मिट्टी से बने बर्तनों, दीपकों और अन्य उपयोगी वस्तुओं की विशेष मांग रहती है। ऐसे में आधुनिक तकनीक से युक्त इलेक्ट्रॉनिक चाक पारंपरिक कारीगरों के काम को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक साबित हो सकता है। इस पुनीत कार्य में राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ की उत्तराखंड महिला प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी की जिला मंत्री श्रीमती संगीता प्रजापति सहित सोम प्रकाश प्रजापति, गोपाल प्रजापति, अमित प्रजापति और अरुण प्रजापति का योगदान रहा। इन सभी समाजसेवियों ने अपनी ओर से सहयोग प्रदान कर यह संदेश देने का प्रयास किया कि समाज के जरूरतमंद और मेहनतकश परिवारों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर श्रीमती संगीता प्रजापति ने दलपत प्रजापति के परिवार से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री तथा उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने परिवार को इन योजनाओं के बारे में जागरूक करते हुए पात्रता के अनुसार सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। सरकारी योजनाओं की सही जानकारी और उनका लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से परिचित होना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने तथा आर्थिक मजबूती हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। समाजसेवियों की इस पहल को पारंपरिक कारीगरों के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है।

किसी जरूरतमंद परिवार को केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि उसे अपने पैरों पर खड़े होने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराना भी समाज सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है, इलेक्ट्रॉनिक चाक उपलब्ध कराने से दलपत प्रजापति को अपने हुनर का बेहतर उपयोग करने और अपने पारंपरिक कार्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। आज के समय में छोटे कारीगरों और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों के सामने आधुनिक संसाधनों की कमी, बढ़ती लागत और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे में समाज के सक्षम लोगों द्वारा आगे आकर जरूरतमंद कारीगरों को कार्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराना एक प्रेरणादायक पहल है। इससे न केवल संबंधित परिवार को सहारा मिलता है, बल्कि पारंपरिक कला और हुनर को भी संरक्षण मिलता है। श्रीमती संगीता प्रजापति तथा उनके साथ सहयोग करने वाले सभी समाजसेवियों का यह प्रयास समाज में सहयोग, सेवा और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करने वाला है। इस प्रकार के कार्य अन्य लोगों को भी जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने और उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। समाज की सच्ची उन्नति तभी संभव है, जब जरूरतमंद परिवारों को सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। दलपत प्रजापति को इलेक्ट्रॉनिक चाक भेंट करने की यह पहल इसी सोच को आगे बढ़ाने का एक सराहनीय प्रयास है।
