Spread the love

रिपोर्ट -सतवेन्दर सिंह गुजराल

नूरपुर, बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) खुदा की इबादत के लिए उम्र नहीं हौसले की दरकार होती है। रमजान के पाक मौके पर ऐसा ही हौसला दिखाया है नगर के ग्राम पीपला जागीर निवासी नो वर्षीय हुमैरा ने नन्हे रोज़ेदार ने अपने जिन्दगी का पहला रोजा रखकर इबादत की अनुकरणीय मिसाल पेश की है।हुमैरा हकीम कारी असरारुल हक की बेटी हैं। सिर्फ नो साल की उम्र में हुमैरा ने पहला रोजा रखा है। रमज़ान मुबारक पर पहला रोज़ा रखने पर हुमैरा ने कहा कि वह स्वप्रेरणा से रोजा

रखे हैं।हुमैरा से पूछा गया कि आपने इतनी कम उम्र में रोज़ा रखा तो उन्होंने कहा कि रोज़ा इसलिए रखते हैं ताकि हम भी उन गरीबों की परेशानी महसूस करें जिन्हें एक वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता।उनका अहसास करते हैं और जो भूखे सोते हैं। उन्होंने कहा कि रोज़ा रख कर उन मुसलमानो को ये बताना चाहती हूं।जो लोग रोज़ा नही रखते हैं कि जब मैं सिर्फ नो वर्ष की होकर रख सकती हूँ तो आप भी रख सकते हैं। और अल्लाह को राज़ी कर सकते हैं। रोज़ा हर मुसलमान पर फर्ज़ हैं।देर शाम इफ्तारी के बाद हुमैरा की नानी दादी चाचा ताऊ,बङे भाइयो ने उसको नेक दुआओ से नवाजा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *