सचिन कुमार
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाहुपुरा में भारतीय महिला महाशक्ति स्वराज एवं हिंदू युवा महाशक्ति सेना की ओर से तृतीय स्थापना दिवस हर्षोल्लास, उमंग और धूमधाम के साथ मनाया गया। संगठन के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति, पारिवारिक एकता और समाजसेवा का संदेश प्रमुखता से सामने आया। स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सामाज बुराइयों के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया। इस विशेष अवसर पर सामाज बुराइयों, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, घरेलू हिंसा तथा टूटते हुए पारिवारिक रिश्तों के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आमजन को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, परिवारों में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का संदेश दिया गया। स्थापना दिवस के आयोजन ने यह संदेश दिया कि सामाज समस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता, आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। तीन वर्ष पूरे होने पर उत्साह के साथ मनाया गया स्थापना दिवस भारतीय महिला महाशक्ति स्वराज एवं हिंदू युवा महाशक्ति सेना के लिए तृतीय स्थापना दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। तीन वर्षों की यात्रा पूर्ण होने पर संगठन से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिला। स्थापना दिवस के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने, जनहित के विषयों पर लोगों को जागरूक करने और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने की भावना को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में महिला शक्ति और युवा कार्यकर्ताओं की सक्रिय ने आयोजन को विशेष बनाया। सभी ने समाज जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर जनजागरूकता रैली को समाज संदेश जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया। स्थापना दिवस केवल संगठन की स्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने का अवसर ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देने वाला अवसर भी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किसी भी समाज की वास्तविक मजबूती उसके लोगों की एकता, जागरूकता, आपसी सम्मान और सहयोग में निहित होती है। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश स्थापना दिवस पर निकाली गई जनजागरूकता रैली में नशे जैसी गंभीर समाज समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाज जीवन को प्रभावित कर सकती है। इसके दुष्प्रभावों से युवाओं को बचाने के लिए परिवार, समाज और जागरूक नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने, अपने भविष्य के प्रति जिम्मेदार बनने और समाजहित के कार्यों में भागीदारी करने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही आने वाली पीढ़ी को बेहतर वातावरण प्रदान किया जा सकता है। इसी भावना के साथ स्थापना दिवस के अवसर पर सामाज बुराइयों के विरुद्ध आवाज उठाने और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। घरेलू हिंसा के विरुद्ध जागरूकता और महिला सम्मान पर जोर कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा जैसी गंभीर सामाज समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। घरेलू हिंसा किसी भी परिवार के सुख, शांति और आपसी विश्वास को प्रभावित करती है। परिवारों में सम्मान, समानता, संवाद और सहयोग की भावना विकसित करना एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने का संदेश देते हुए लोगों को प्रेरित किया गया कि महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और गरिमा का ध्यान रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की हिंसा और अन्याय को सामान्य मानने के बजाय उसके विरुद्ध जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। महिला शक्ति की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। महिलाओं की सामाज भागीदारी, जागरूकता और आत्मसम्मान को मजबूत बनाने की दिशा में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित वातावरण बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। टूटते पारिवारिक रिश्तों को बचाने का दिया संदेश आज के समय में पारिवारिक संबंधों में बढ़ती दूरियां, आपसी मतभेद और संवाद की कमी अनेक परिवारों के लिए चुनौती बन रही हैं। ऐसे में आपसी समझ, विश्वास, धैर्य और सम्मान के साथ रिश्तों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। स्थापना दिवस के अवसर पर निकाली गई जनजागरूकता रैली के माध्यम से टूटते हुए रिश्तों और पारिवारिक समस्याओं के प्रति भी समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का संदेश रहा कि परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। परिवारों में प्रेम, सहयोग और आपसी विश्वास बना रहे, इसके लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ाने के बजाय बातचीत और समझदारी से समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए। सामाज सद्भाव और पारिवारिक एकता को मजबूत करने के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। महिला शक्ति और युवा एकता ने बढ़ाया कार्यक्रम का उत्साह तृतीय स्थापना दिवस पर महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। संगठन से जुड़ी महिलाओं ने अपनी उपस्थिति के माध्यम से सामाज जागरूकता और महिला सहभागिता का संदेश दिया, वहीं युवा कार्यकर्ताओं ने भी समाजहित के विषयों पर जागरूकता फैलाने की भावना के साथ सहभागिता की। महिला शक्ति और युवा शक्ति किसी भी समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब दोनों मिलकर सामाज समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करते हैं, तो जागरूकता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचता है। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित कार्यक्रम में सामाज एकता, जनहित और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व को सामने रखा गया। स्थापना दिवस के अवसर पर यह भावना भी प्रमुख रही कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी वर्गों को मिलकर काम करना चाहिए।

नशामुक्त वातावरण, महिला सम्मान, घरेलू हिंसा के विरुद्ध जागरूकता और पारिवारिक संबंधों में मधुरता जैसे विषयों पर निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरवेंद्र राणा सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हितेश चौधरी, युद्धवीर सिंह, मनोज चौधरी, विकास कुमार, अंकित देशवाल, गौरव सैनी, सोनू सैनी, यशवीर सिंह, पंकज तोमर, राजा, कामेंद्र सिंह, दिलेराम सिंह, नीरज शर्मा, ललित शर्मा, विकास चौधरी, प्रियांशु चौधरी, नूर आलम, जाहिद, इकरार अहमद, इदरीश, संजू कुमार, धर्मेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, सुबोध चिकारा, रूपेंद्र सिंह, अर्पित, ऋतिक, दिव्यांश, नितिन कुमार, राम आसरे एवं विनोद कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं महिला शक्ति की ओर से ललिता चौधरी, रेखा चौधरी, निधि चौधरी, मेनका तोमर, रीता देवी, रिंकू चौधरी, पिंकी देवी, उजाला देवी, शीतल रानी, अफसाना, बबीता देवी, उमा रानी, माला देवी, बबली देवी, मंजू, रजनी राजपूत, कविता रानी, मोनी गौतम, राजबाला देवी, मुस्कान खान, सिमरन, रिंकी देवी, राधा देवी, बबीता, रीतू, रेखा, सुमन, माया, अनु, कमला, मिथिलेश, आरुषि राजपूत, रानी, राधा, उमा, सविता, ज्योति एवं मंजू सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी की सहभागिता ने स्थापना दिवस के आयोजन को विशेष बनाया। पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की सामूहिक उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता तथा जनजागरूकता के उद्देश्य को मजबूती प्रदान की। सामाज बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता का संकल्प भारतीय महिला महाशक्ति स्वराज एवं हिंदू युवा महाशक्ति सेना के तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जनजागरूकता रैली ने समाज को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। नशे से दूर रहने, घरेलू हिंसा के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने, महिलाओं का सम्मान करने, पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाए रखने और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने जैसे विषय कार्यक्रम के केंद्र में रहे। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य लोगों को सामाज समस्याओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। यदि परिवार, युवा, महिलाएं और समाज के जिम्मेदार नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो जागरूकता के माध्यम से बेहतर सामाज वातावरण तैयार किया जा सकता है। कुल मिलाकर, जनपद बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र के बाहुपुरा में मनाया गया भारतीय महिला महाशक्ति स्वराज एवं हिंदू युवा महाशक्ति सेना का तृतीय स्थापना दिवस उत्साह, सामाज चेतना और जनहित के संदेश के साथ संपन्न हुआ। स्थापना दिवस के अवसर पर निकाली गई जागरूकता रैली ने नशा, घरेलू हिंसा और टूटते रिश्तों जैसी सामाज समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों, महिलाओं और कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने इस अवसर को यादगार बनाया
