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चौधरी अमरीक सिंह

मुरादाबाद (परिपाटी न्यूज) अवैध ईंट-भट्ठों का संचालन किसी भी दशा में न हो, अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। गीले एवं सूखे कचरे तथा प्लास्टिक अपशिष्ट का पृथक संग्रहण सुनिश्चित करने और सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा वृक्षारोपण से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में निर्धारित मानकों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानकों का अनुपालन करने वाले ईंट-भट्ठों का ही संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी दशा में अवैध ईंट-भट्ठे संचालित नहीं होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) के प्रबंधन एवं निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में निर्धारित मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जैव चिकित्सा अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण से पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। शहरी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गीले कचरे, सूखे कचरे एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के पृथक-पृथक संग्रहण की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरे का उचित वर्गीकरण एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सड़कों पर निर्माण सामग्री फैलने से आवागमन बाधित होता है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इससे शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण भी प्रभावित होता है। अतः इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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