अफजाल हुसैन
संभल( परिपाटी न्यूज़) सिरसी रमजान मुबारक का महीना रहमते और बरकते लेकर आता है।इस से नौजवान बुजुर्ग और बच्चे सभी के इमान मे ताजगी पैदा होती है।जब महौल दिनदारी का होता है तो बच्चो पर भी असर देखने को मिलता है।सिरसी के मोहल्ला गिन्नौरी मे मास्टर मोहम्मद नावेद की मासूम बच्ची फातिमा ने रोजा रखकर यह साबित कर दिया।कि रोजा रखने के लिए हौसले और हिम्मत की जरूरत है।उम्र की नही।इस बच्ची की हिम्मत से उन लोगो को सबक हासिल करने की जरूरत है। जो रमजान के महीने मे रोजा न रखने का बहाना तलाश करते है।इस कम उम्र मे रोजा

रखने वाली बच्ची फातिमा को सभी दुआए देकर हौसला अफजाई कर रहै है।अल्लाह हम सब को भी रमजान की कदर करने की तौफीक अता फरमाए और इस बच्ची का मुस्तकबिल रौशन करें।