अफजाल हुसैन
सम्भल ( परिपाटी न्यूज़) बहजोई कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्यप्रिय सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात रामधुन प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी को गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में जब कभी उलझन, संदेह या चुनौती महसूस हो तो महापुरुषों के भजनों एवं गीतों को सुनकर उनके विचारों को अपनी वर्तमान परिस्थितियों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है और समस्याओं के

समाधान की दिशा भी प्राप्त होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी किसी भी विचार अथवा कार्य को अपनाने से पहले उसका प्रयोग करते थे। यह उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने गांधी जी के ‘जंतर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जब किसी निर्णय को लेकर संदेह हो, तो समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति को ध्यान में रखकर स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि हमारे निर्णय से उसके जीवन में क्या परिवर्तन आएगा तथा उसे लाभ होगा या हानि। इससे निर्णय लेने में स्पष्टता और सही दिशा प्राप्त होती है।

जिलाधिकारी ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश को ‘जय जवान, जय किसान’ का प्रेरणादायी नारा दिया। युद्ध एवं खाद्यान्न संकट के समय उन्होंने देशवासियों से एक समय का भोजन त्यागने की अपील की, ताकि देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि हमें देश की महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष एवं विचारों को अवश्य पढ़ना चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने कहा कि गांधी जी के दर्शन एवं साहित्य का अध्ययन करना चाहिए। उनकी पुस्तकों के माध्यम से उनके विचारों एवं सिद्धांतों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता को विशेष महत्व देते थे और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान को भी पूरी तन्मयता के साथ लागू करने पर जोर दिया तथा पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्यप्रिय सिंह ने गांधी जी से जुड़े अपने बचपन के पाठ एवं ‘सत्यप्रिय’ शब्द के अर्थ को साझा करते हुए कहा कि गांधी जी के दर्शन एवं सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी के जीवन एवं उनके आदर्शों पर भी प्रकाश डाला।नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने ‘दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’ तथा ‘तोरा मन दर्पण कहलाए’ गीत प्रस्तुत किए।इस अवसर पर तहसीलदार अनिल कुमार मिश्रा एवं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हेमेन्द्र स्वरूप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
