अपनी कविता के द्वारा सारे रंगों का व्याख्यान कर दिया, पं॰ रविन्द्र भारद्वाज संघर्षी ने…..
लेखक- पँ॰ रविन्द्र भारद्वाज संघर्षी मैं रंग नहीं पाया तो,क्याशब्दो से ही मैं रंग दूंगा।जब रंग विहीन संसार लगे,उस समय तुम्हरा संग दूंगा।सांसारिक रंग स्थाई नहीं,हर पल में रंग बदलते…
