गुरप्रीत सिंह
हरिद्वार (परिपाटी न्यूज) लक्सर में आज कांग्रेस के सदस्यता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान में कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत शामिल हुए। इस अवसर पर भाजपा और बसपा से जुड़े सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी का दामन थामा। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता रविंद्र सिंह आनंद ने डॉ. हरक सिंह रावत का मंच पर पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनके स्वागत में जोरदार आतिशबाजी की गई। उपस्थित लोगों ने नारों और तालियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में लक्सर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलेश्वर कुमार एवं नगर अध्यक्ष भगत सिंह सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में अजब सिंह, प्रमोद कुमार, विजय वर्मा, नवीन चड्ढा, अरविंद गर्ग, राजकुमार सैनी, दीपक पंवार, ईशम सिंह कश्यप, कृष्णा , पवन सैनी, सन्नी सैनी, राहुल सैनी, मोहन सैनी, सोम सैनी, सुरेंद्र कश्यप, राज कश्यप, जानी सैनी, सुरेंद्र चौहान, राजेंद्र सिंह, पंकज सैनी, अख्तर 1अली, अमित पंवार और आकाश सिंह सहित सैकड़ो लोग शामिल रहे।

इनमें से कई लोग भाजपा एवं बसपा से जुड़े रहे हैं। एवं पदों पर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. हरक सिंह रावत ने भाजपा की नीतियों और कथित कुरीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजक रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का कांग्रेस से जुड़ना संगठन के विस्तार और राजनीतिक सक्रियता का संकेत है। कांग्रेस का परिवार लगातार बढ़ रहा है और पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नवागत सदस्यों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में लोगों की सहभागिता और विभिन्न राजनीतिक दलों से आए लोगों के कांग्रेस में शामिल होने से लक्सर में आयोजित यह सदस्यता कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।
