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नसीम अंसारी

हरिद्वार। (परिपाटी न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी के हरिद्वार जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बुधवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ’ अभियान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का भूमि बचाओ अभियान प्रदेश की जमीन बचाने की मुहिम नहीं बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक जमीन बचाने की छटपटाहट है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में जमीनों के आवंटन और बंदरबांट को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया, वही कांग्रेस आज भूमि संरक्षण की बड़ी पैरोकार बनने का दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने नानीसार भूमि प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में 7.061 हेक्टेयर पंचायत भूमि महज 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 साल की लीज पर आवंटित की गई थी। इस फैसले का विरोध करने वाले 381 लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रामीणों के विरोध के बावजूद मुकदमों की कार्रवाई करने वाली कांग्रेस आज किस नैतिक आधार पर भूमि संरक्षण की बात कर रही है। धौलास भूमि विवाद पर भी भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान के नाम पर करीब 20 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति दी गई थी लेकिन फरवरी 2026 में हुई प्रशासनिक जांच में सामने आया कि जमीन 15 लोगों को बेची गई और छोटे छोटे प्लॉटों में बांटकर करीब 80 खरीदारों तक पहुंच गई। उन्होंने सवाल किया कि शिक्षा जैसे पवित्र उद्देश्य के लिए खरीदी गई जमीन आखिर प्लॉटिंग के कारोबार तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को जमीन आवंटित करने के मामलों पर भी कांग्रेस को घेरा। आशुतोष शर्मा ने कहा कि गढ़वाल की 52 और कुमाऊं की 5 संस्थाओं को जमीन आवंटन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

सितंबर 2016 में तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जांच का परिणाम क्या निकला और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के सामने इन जांचों का पूरा हिसाब रखना चाहिए।टाटा मोटर्स सिडकुल भूमि आवंटन का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में पंतनगर में टाटा मोटर्स को 975.44 एकड़ जमीन 125 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से आवंटित की गई थी। बाद में वेंडर और सहयोगी कंपनियों को जमीन आवंटित किए जाने पर भी सवाल उठे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक भूमि के आवंटन और उसके बाद हुए हस्तांतरण की निगरानी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी थी। ऐसे में कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के फैसलों पर जवाब देना चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का राजनीतिक अभियान चाहे जितना आक्रामक हो उत्तराखंड का विकास रुकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने सख्त भू-कानून लागू रखने स्थानीय हितों की रक्षा करने और अनुपयोगी जमीनों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था के हित में इस्तेमाल करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए अभियान चलाती रहे, लेकिन धामी सरकार प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।इस अवसर पर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, जिला महामंत्री हीरा बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, निपेंद्र चौधरी, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष लोकेश पाल तथा जिला कार्यालय प्रभारी नकली राम सैनी सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

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