रिपोर्ट शुभम चौधरी
उत्तराखंड/हरिद्वार। ( परिपाटी न्यूज)। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित स्टेडियम में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित दूसरी राष्ट्रीय हॉपकिडो मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया। देशभर के विभिन्न राज्यों से पहुंचे करीब 300 खिलाड़ियों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों में उत्तराखंड की टीम ने दूसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कुल 6 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहराया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का शुभारंभ फिल्म अभिनेता आशीष सिंह ने फीता काटकर किया। दो दिवसीय प्रतियोगिता में पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित कई राज्यों के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। उत्तराखंड की ओर से 11 खिलाड़ियों की टीम ने अलग-अलग भार वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी। प्रतियोगिता में कृष्ण मलिक ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में दिल्ली के खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अविका सैनी ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। सूर्यदेव सिंह ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं तमन्ना सैनी ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में फरीदाबाद की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इसके अलावा आरुष अग्रवाल ने 40 किलोग्राम भार वर्ग में पश्चिम बंगाल के खिलाड़ी को हराकर रजत पदक प्राप्त किया। रक्षित अग्रवाल ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के खिलाड़ी को पराजित कर रजत पदक जीता। आर्यन सैनी ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के खिलाड़ी को हराकर रजत पदक हासिल किया। हिमांशी सैनी ने 40 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र की खिलाड़ी को हराकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। कनिका ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में दिल्ली की खिलाड़ी को पराजित कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं अभिनव सैनी ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक प्राप्त किया। सेक्रेटरी शिवेंद्र चौहान के नेतृत्व और प्रयासों से खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन उत्तराखंड हॉपकिडो मार्शल आर्ट के सेक्रेटरी शिवेंद्र चौहान ने प्रदेश के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का दूसरा स्थान हासिल करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रशिक्षकों के समर्पण का परिणाम है। शिवेंद्र चौहान ने कहा कि उनका उद्देश्य उत्तराखंड में हॉपकिडो मार्शल आर्ट को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाना और नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट केवल पदक जीतने का खेल नहीं है, बल्कि यह युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और आत्मरक्षा की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। महिला कोच एलिस मलिक की मेहनत और मार्गदर्शन ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला उत्तराखंड की टीम की सफलता में कोच मयंक त्यागी के साथ महिला कोच एलिस मलिक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। एलिस मलिक ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने, उनकी तकनीक में सुधार करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने खिलाड़ियों को लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और खेल भावना के साथ मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और मार्शल आर्ट के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करने में उनका योगदान सराहनीय रहा। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों ने पूरी लगन और मेहनत से मुकाबले किए हैं। उन्होंने भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने का भरोसा जताया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड लौटे खिलाड़ियों का अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिवारों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। अभिभावकों ने कोच मयंक त्यागी, महिला कोच एलिस मलिक और सेक्रेटरी शिवेंद्र चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। उत्तराखंड की इस उपलब्धि ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा पैदा की है। खिलाड़ियों की सफलता से यह साबित हुआ है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के दम पर प्रदेश की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
