अवधेश कुमार मौर्य
सीतापुर (परिपाटी न्यूज़) मिश्रिख सीतापुर में प्रकाश पर्व दीपावली के पावन अवसर पर महर्षि दधीचि की पवित्र तपोभूमि मिश्रिख स्थित मेला मैदान में आतिशबाजी का अस्थायी बाजार पूरी तरह सजकर तैयार हो गया है। त्यौहार के उल्लास के बीच सुबह से ही पटाखा बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में चहल-पहल का माहौल बना रहा। बंपर बिक्री से दुकानदारों के चेहरे खिले दीपावली की आतिशबाजी खरीदने पहुंचे बच्चों और बड़ों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने अपनी-अपनी पसंद के अनुसार फुलझड़ियों, पटाखों, गोलों, आसमान छूने वाले राकेट-बाणों और रंग-बिरंगी चरखियों की जमकर खरीदारी की। सुबह से शुरू हुई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देर शाम तक लगातार बनी रही। इस जबरदस्त बिक्री से दुकानदारों के चेहरों पर भी खासी रौनक नजर आई।

प्रशासन की मुस्तैदी और पानी के टैंकरों की व्यवस्था त्यौहार के दौरान सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधों को प्राथमिकता देते हुए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। किसी भी अप्रिय घटना या आगजनी की आशंका से निपटने के लिए मेला परिसर में नगर पालिका की ओर से पानी के टैंकरों की विशेष तैनाती की गई। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच दुकानदारों और आम जनता को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी, ताकि त्यौहार की खुशियां पूरी तरह सुरक्षित माहौल में मनाई जा सकें। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, 14 वर्ष के कठिन वनवास और लंकापति रावण पर विजय प्राप्त करने के पश्चात जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी अयोध्या वापस लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को देसी घी के दीपकों से रोशन कर उनका भव्य स्वागत किया था। उसी स्मृति में हर वर्ष दीपावली का पर्व मनाया जाता है।अमावस्या के दिन दीपावली का पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को पड़ता है, जो वर्ष की सबसे घनी अंधेरी रातों में से एक होती है। दीपों की माला जलाकर इस घने अंधकार को मिटाया जाता है और समाज में सकारात्मकता, सुख-समृद्धि व प्रकाश का संदेश फैलाया जाता है। देर शाम तक मिश्रिख का मेला मैदान खरीदारों से गुलजार रहा और नगरवासियों ने पूरे हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ दीपों का यह पावन पर्व मनाया।
