
रिपोर्ट -सतवेन्दर सिंह गुजराल
नूरपुर, बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) क्षेत्र में ईद उल अजहा (बकरा ईद) का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। ईदगाह एवं मस्जिदों में काफी संख्या पर लोगों ने नमाज अदा की।वहीं क्षेत्र के कस्बा राजा का ताजपुर में ईद उल अजहा (बकरा ईद) के त्योहार पर ईदगाह एवं जामा मस्जिद में लोगों ने नमाज अदा की।शहर इमाम मुफ्ती नसीम ने जानकारी देते हुए बताया कि यह त्योहार हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम की परिक्षा लेने के उद्देश्य से उन्हें हुक्म दिया कि तुम्हें अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देनी होगी। हज़रत इब्राहीम ने अल्लाह का हुक्म मानते हुए अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया। उन्होंने

अल्लाह का नाम लेते हुए अपने बेटे हजरत इस्माइल के गले पर छुरी चला दी।जब उन्होंने अपनी आंखें खोली तो देखा कि उनका बेटा जिन्दा था। और बकरे शक्ल का जानवर कटा हुआ पड़ा था।
इस मौके पर अखिल भारतीय संंघ के उपाध्यक्ष प्रबुद्ध समाजसेवी हाजी शमशाद अहमद फरीदी ने बताया कि ईद उल अजहा मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए दुसरा सबसे बड़ा त्योहार है। इस्लाम के अनुसार,मुस्लिम धर्म के लोग अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी करते हैं। इस दिन नमाज में देश अमन और शांति के लिए दुआएं मांगी जाती हैं।
इस अवसर पर ईदगाह कमेटी के सचिव डॉ अनीस अहमद, जिला पंचायत सदस्य इमरान अहमद,एडवोकेट नईम अहमद, एडवोकेट जमील अहमद, डॉ फ़हीमुदीन, भाजपा नेत्री अलीशा सिद्दिकी, डॉ आफ़ताब आलम, शहजाद मलिक,हाफिज सईद, सरफराज सिद्दीकी, शाहरुख फरीदी,, आदि गणमान्य व्यक्तियों ने ईद पर अपने विचार व्यक्त किए एवं देश की सलामती के लिए दुआएं मांगी।