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संवाददाता-देवेश्वर धीमान/परिपाटी न्यूज़ मीडिया

बिजनौर परिपाटी न्यूज। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी से जिले के किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये का फायदा होगा। लेकिन किसान इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं और इसे कम बता रहे हैं। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में 25 रुपये की बढ़ोतरी की है। किसानों का कहना है कि महंगाई के हिसाब से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। वे इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रहे हैं। अगेती प्रजाति के दाम 350 और पिछेती के दाम 340 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। जिले के साढ़े तीन लाख से अधिक किसान परिवार गन्ने की खेती से जुड़े हैं। गन्ना ही जिले के किसानों की लाइफ लाइन है। किसान आंदोलन और चुनावी साल को देखते हुए लग रहा था कि इस बार गन्ने के दामों में अच्छा खासा इजाफा होगा। सरकार ने पिछले तीन सालों से गन्ने के दामों में कोई इजाफा नहीं किया था। जिले की नौ चीनी मिलों में किसान करीब साढ़े 11 करोड़ क्विंटल गन्ना बेचते हैं। किसानों का मानना था कि गन्ने पर कम से कम 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल दाम तो बढ़ ही जाएंगे, पर सरकार ने 25 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाए हैं। कृषि विभाग द्वारा भी कराए गए सर्वे में गन्ने की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। इस दाम से भी किसानों को पिछले साल के मुकाबले करीब 285 करोड़ का अधिक भुगतान मिलेगा, लेकिन किसान इसे कम बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन सालों में महंगाई बहुत बढ़ी है। गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। 

By विक्की जोशी

विक्की जोशी मंडल आई.टी. प्रभारी मुरादाबाद