प्रिंस शर्मा
मुरादाबाद(परिपाटी न्यूज़) कांठ विजयदशमी दशहरा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, दशहरा मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पर्व की खुशियां मनाई विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करते हुए लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। दशहरा मेले के आयोजन से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मेले में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेले में खेल खिलौने और चाट पकौड़ी की दुकानें लोगों के लिए विशेष रही बच्चों ने मेले में घूमकर आनंद लिया, वहीं परिवारों ने भी एक साथ मेले का लुत्फ उठाया।विजयदशमी का पर्व भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर संसार को यह संदेश दिया था कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत हमेशा अच्छाई और सत्य की ही होती है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दशहरा पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। दशहरा मेला केवल मनोरंजन का माध्यम ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। इसी भारतीय संस्कृति के उपरांत विजयदशमी दशहरा का पर्व मनाया जाता है
