मुकुट यादव
सम्भल ( परिपाटी न्यूज़) बहजोई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ अब निर्णायक जंग छिड़ गई है।‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए प्रशासन गांव-गांव तक पहुंच रहा है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है,जहां हर नागरिक ऑनलाइन शपथ लेकर बाल विवाह के खिलाफ अपनी भागीदारी दर्ज करा सकता है और तुरंत प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकता है। सरकार ने इस मुहिम को और प्रभावी बनाने के लिए जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा की रणनीति अपनाई है।शपथ लेने वालों की संख्या के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होगी। इसके चलते जिला प्रशासन भी अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकतम लोगों को जोड़ने में जुट गया है।अधिकारियों को चौपालों,सभाओं और ग्रामीण बैठकों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन शपथ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

stopchildmarriage.wcd.gov.in पोर्टल पर जाकर ‘Take Pledge’ विकल्प चुनें। नाम,मोबाइल नंबर और जिला चुनने के बाद शपथ लेते ही डिजिटल सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।संभल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई तीन बाल विवाह रुकवाए,बच्चियों को योजनाओं से जोड़ा संभल के जिला बाल संरक्षण अधिकारी/जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण के अनुसार,जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर काम कर रहा है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच जिले में 5 बाल विवाह रोके गए,वहीं अप्रैल 2025 से अब तक 3 बाल विवाह के मामले सामने आए,जिन्हें पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से मौके पर ही रुकवाया गया। केवल कार्रवाई पर जोर न देते हुए,प्रशासन द्वारा बच्चियों और उनके अभिभावकों की नियमित काउंसिलिंग की जा रही है।साथ ही, संबंधित बच्चियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना,मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।हमारा लक्ष्य केवल शादियां रुकवाना नहीं,बल्कि बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है,ताकि कोई भी बच्ची कुरीतियों की भेंट न चढ़े।