अवधेश कुमार मौर्य
सीतापुर ( परिपाटी न्यूज़) सीतापुर। मिश्रिख तहसील क्षेत्र में शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां लगभग दो वर्ष पूर्व मर चुके व्यक्ति के नाम पर आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। मामला संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित क्षेत्र के लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बिना स्थलीय निरीक्षण के जारी कर दिया प्रमाण पत्र पूरा मामला मिश्रिख तहसील के ग्राम शंकरपुर (मजरा रामगढ़, परगना कोरोना) का है। यहां के निवासी कन्हाई पुत्र दुन्नत की करीब दो वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद, तीन दिन पहले कन्हाई के नाम से ₹60,000 वार्षिक आय का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। मामला उजागर होने पर जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर एसडीएम (SDM) मिश्रिख ने प्रकरण की जांच की। जांच में पाया गया कि क्षेत्रीय लेखपाल सुधीर कुमार ने बिना किसी स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन के ही अपनी रिपोर्ट लगा दी थी।

तत्काल निलंबन और विभागीय जांच के आदेश प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों व कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, शिथिलता और स्वेच्छाचारिता मानते हुए लेखपाल सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने मामले की विस्तृत अनुशासनात्मक और विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार मिश्रिख, अजय कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल इस घटना के सामने आने के बाद राजस्व विभाग में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और कागजी सत्यापन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
