शिव कुमार
संभल (परिपाटी न्यूज़) फरीदाबाद (हरियाणा) में हुए एक सड़क हादसे के बाद घायल मरीज मोममीन को इलाज के दौरान सात दिन बाद रक्त की आवश्यकता पड़ी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए शहजाद सैफी पत्रकार खानपुर बंद के निवासी और महबूब सैफी नहरौली के निवासी आगे आए और बिना देर किए अपना रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।शहजाद सैफी और महबूब सैफी के इस सराहनीय कार्य से मरीज की जान बच सकी। परिजनों और चिकित्सकों ने उनके इस नेक कार्य की प्रशंसा की है। समाज में ऐसे युवाओं की भूमिका प्रेरणादायक बताई जा रही है, जो जरूरत के समय आगे आकर दूसरों की जान बचाते हैं। और यह अब तक सात से आठ बार रक्तदान कर चुके हैं बिना

किसी स्वार्थ के उनका भाव केवल मरीजों की जान बचाना हैखानपुर बंद के शहजाद सैफी व महबूब सैफी ने रक्तदान कर बचाई मरीज की जानखानपुर बंद निवासी शहजाद सैफी (पत्रकार) एवं उनके खालेरे भाई महबूब सैफी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद में भर्ती एक गंभीर मरीज को समय पर रक्तदान कर उसकी जान बचाई। बताया गया कि मरीज को आपातकालीन स्थिति में रक्त की आवश्यकता थी, सूचना मिलते ही दोनों भाई बिना देर किए अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया।समय पर मिले रक्त से मरीज की हालत में सुधार हुआ, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। अस्पताल प्रशासन एवं मरीज के परिजनों ने शहजाद सैफी और महबूब सैफी का आभार व्यक्त करते हुए उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। क्षेत्रवासियों ने भी दोनों भाइयों के इस मानवीय कदम को प्रेरणादायक बताया।यह कार्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला है और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।