कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा रहे मुख्य अतिथि
देवेश्वर धीमान
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) शेखपुरा दिनांक 4 जनवरी 2026 को माया देवी पंडित कन्या इंटर कॉलेज व सुरेश चंद्र शर्मा पब्लिक स्कूल शेखपुरा (बिजनौर) में 15वें वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री पंडित सुनील शर्मा रहे। मंत्री के आगमन से पूर्व बैराज पर सैकड़ों लोगों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके उपरांत मंत्री साहित्य विहार, बिजनौर स्थित डॉ. मोहित शर्मा के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने भेंट की एवं सूक्ष्म जलपान किया। वहां से वे कार्यक्रम स्थल माया देवी पंडित कन्या इंटर कॉलेज, शेखपुरा पहुंचे।

कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंत्री का स्वागत डॉ. संजीव शर्मा दानी, आशीष शर्मा, डॉ. मोहित शर्मा, राजीव शर्मा दानी एवं पंकज शर्मा द्वारा बुके, माला, प्रतीक चिन्ह एवं शॉल भेंट कर किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य मधुसूदन शास्त्री (हरिद्वार) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राजीव शर्मा दानी ने किया। इस अवसर पर मंत्री एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा गत वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही क्षेत्र से पधारे ग्राम प्रधानों को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित किए जाएंगे। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतवर्ष में कभी हजारों गुरुकुल और अनेक विश्वविद्यालय संचालित थे। उन्होंने आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक शिक्षा की तुलना करते हुए मैकाले की शिक्षा व्यवस्था से होने वाली हानियों पर भी विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने विशेष रूप से कन्या शिक्षा को समाज के विकास की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण क्षेत्र में संचालित माया देवी पंडित कन्या इंटर कॉलेज एवं उसके प्रबंधन तंत्र की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस पहल के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में गौतम शर्मा, कमल शर्मा, नितिन शर्मा, देवेंद्र सिंह, संतोष शर्मा, मोहित शर्मा, अभिनेश शर्मा, अमित राणा, शरद शर्मा, पवन शर्मा एडवोकेट, शोभा शर्मा, रोहित भारद्वाज, मुकुल शर्मा, एकांश शर्मा, खेलेंद्र सिंह, सचिन मलिक (प्रधान), सूरज भारद्वाज, खड़क सिंह, मोन वीर, सुभाष चंद्र, प्रधानाचार्य डॉ. आकांक्षा रस्तोगी सहित समस्त स्टाफ एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों का सक्रिय सहयोग रहा।