
*सुसराल वालों को तीन तलाक़ का कोई डर नहीं सरकार के बनाये हुए कानून नहीं मानते *
रिपोर्ट/जितेंद्र कुमार (परिपाटी न्यूज़)
राजा का ताजपुर, बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) मुस्लिम महिलाओं को उनका हक व अधिकार देने के लिये भाजपा सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिये तीन तलाक़ का कानून बनाया है। मगर तीन तलाक़ का कानून बनने के बाद भी मुस्लिमों में कोई डर नहीं है । मुस्लिम समाज के व्यक्ति बेखौफ होकर मामूली सी बात पर तीन तलाक़ देने से नहीं डर नहीं रहे ना ही इनके दिलों दिमाग में सरकार के बनाये हुए कानून की कोई अहमियत नहीं है

।जब चाहे कोई भी जरा सी बात पर महिलाओं को तलाक़ दे देता है ऐसा ही मामला ताजपुर के मौहल्ला बंजारान में देखने को मिला जाकिर बाबा की बहन रिहाना की शादी दस साल पहले जिला मुरादाबाद के थाना कांठ के गाँव सलेमपुर गढ़ी में मुस्लिम रीति रिवाज व दान दहेज के साथ हुई थी ।शादी के दो साल बाद ही रिहाना ने एक बच्ची को जन्म दिया था बच्ची को जन्म होने से भी उसके पति व सुसराल वाले बिल्कुल भी खुश नहीं थे ।बार बार दहेज का ताना मारते थे ।रिहाना के माँ बाप ने अपनी हैसियत से ज्यादा सब कुछ दिया था मगर रिहाना के पति मुरस्लिम व सुसराल वाले उसके दान दहेज से बिल्कुल भी खुश नहीं थे ।वह शादी के दिन से ही अक्सर मारपीट व गाली गलौज करते थे व कार और पैसों की मांग करते थे। कई बार रिहाना के मां बाप ने पैसों की मांग को पूरा भी किया मगर लालची सुसराल वालों की भूख कम नहीं हुई उनका लालच दिन व दिन बढ़ता गया ।मांग पूरी ना करने पर उसके पति मुरस्लिम ने रात में ही अपनी पत्नी के साथ मामूली सी बात पर मारपीट व गाली गलौज कर घर से बाहर निकाल दिया ।रिहाना परवीन अपनी छोटी सी बच्ची को लेकर घर में अंदर आने की लिए मन्नत मांगती रही मगर जालिम सुसराल वालों ने एक बार भी उसकी बात नहीं सुनी वह रोती बिलखती रही मगर लालची सुसराल वालों को एक बार भी रहम नहीं आया मौ मुरस्लिम ने तीन बार तलाक कहकर तीन तलाक़ दे दिया ।पीड़ित महिला ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया तो पुलिस ने पति मुरस्लिम, रिहान , शादाब , ससुर यासीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है ।अब देखना यह है कि पीड़ित महिला को पुलिस कब तक इंसाफ दिलाती है बारहाल पीड़ित महिला अपनी मासूम बच्ची को गोद में लेकर दर दर की ठोकर खा रही है। पुलिस लालची पति व सुसराल वालों को जेल की सलाखों के पीछे कब भेजती है यह तो वक्त ही बतायेगा दहेज के लालचियों के हौसले बुलंद है