मुनेश चन्द शर्मा की कलम से एक लेख
आप सभी देशवासियों को बता देना चाहता हूं कि आपका अपना भारत में कुछ नहीं है। आपको पता चल रहा होगा जहां जिस मकान में हम रहते हैं। और सभी से कहते हैं। हमारा मकान है। लेकिन वह हमारा नहीं है। देख रहे होंगे मकान का हम सभी देशवासियों को टैक्स देना पड़ता है । फिर मकान किराए का हुआ जिसमें हमने जमीन खरीदी मकान बनाया लेकिन वह भी अपना ना रहा उसका भी हमें किराया देना पड़ता है।तब किरायेदारो की श्रेणी में आते हैं।टैक्स देना पड़ता है।

आप बाईक अथवा कोई भी सवारी खरीदते हैं सम्पूर्ण टैक्स आपको देना होता है। आप टंकी का पानी पीते हैं। आपको टैक्स देना पड़ता है। आप पेट्रोल डलवाते हैं ।तब भी जीएसटी के रुप में टैक्स देना पड़ता है ।अगर आप सड़क पर चलते हैं तब आपको टोल के रूप में टैक्स देना होता है। आप जहां कहीं पर भी जाएंगे आपको किसी न किसी रूप में टैक्स देना होगा। यह कितनी बड़ी विडंबना है। और आप देखिए जो हमारे राष्ट्रपति है। फ्री के मकान में रहते हैं। फ्री के नौकर मिलते हैं । आना-जाना फ्री है। गाड़ी फ्री है ।कोई किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होता अब आप प्रधानमंत्री पर आजाइगा जो कितना पैसा अपने ऊपर खर्च करते हैं। आने में जाने में रहने में खाने में और ना मकान का टैक्स देना होता है, ना ही किसी बात का टैक्स देना होता है। सब बात फ्री है। मंत्रियों पर आयें सब मंत्रियों के मकान फ्री आना जाना फ्री है खाना फ्री है। कोई किसी प्रकार का टैक्स नहीं है। मुख्यमंत्री है उन पर भी किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं है ।जबकि भारत देश वासियों को मैं बता देना चाहता हूं कि यह टैक्स हमारे भारत देश की इकोनॉमी है। यदि हम यह टेक्स नहीं देंगे या हम से इस प्रकार टैक्स नहीं लिया जाएगा तो शायद भारत सरकार नहीं चल पाएगी। अब आप देख सकते हैं, किस प्रकार हमारे भारत देश वासियों का दोहन हो रहा है। जब हमारे भारत देश वासी यदि हमेशा गरीब रहेंगे तो हमारी इकोनॉमी बढ़ेगी। देश की इकोनॉमी बढ़ेगी और यदि अमीर हो जाएंगे तब इकोनामी घटेगी आप देखिए कितने बड़े-बड़े लोग जो वह खरबो पति है । कई कई करोड़ का घोटाला करते हैं।

और वह रुपए लोन लेकर मार लेते हैं चले जाते हैं। सरकार उनका कुछ नहीं बना बिगाड़ सकती ना आज तक किसी का कुछ बिगड़ा है ।अब आप देखिए जो एक बार एमएलए एमपी बन जाता है। उसके पास कितना धन इकट्ठा हो जाता है। करोड़ों में उनके पास यह धन कहां से आता है। इसका कोई हिसाब किताब भारत देशवासी के पास कुछ भी नहीं है और नहीं कोई इस विषय में किसी से पूछ सकता है। अर्थात जानकारी भी नहीं ले सकता क्योंकि जो गरीब लोग हैं। कानून केवल उन्हीं पर लागू होता है। पैसे वालों पर या दबंग लोगों पर कोई कानून नहीं लगता। आप देख सकते हैं। किस प्रकार आज विधानसभा में लोकसभा में हंगामें रहते हैं। आज आमजन कितना परेशान है।

यह सब सरकारी तंत्र की वजह है। तब आप स्वयं अपने आप में सोच कर देखिए कि इस भारत देश में हमारा क्या है ।आज तो वोटो का भी हक हमसे छीन लिया जा रहा है। क्योंकि आप अपने आप को भारत देश का नागरिक कैसे साबित करेंगे यह आपको मालूम नहीं है ।जो पीढ़ी दर पीढ़ी के यहां भारत देश में रहते हैं । किन्हीं किन्हीं लोगों को वोट डालने का अधिकार छीन लिया गया है ।इस बात पर सदन में भी कई बार हंगामा हो चुका है। और चुनाव आयुक्त को भी तलब करने का कार्य किया जा रहा है। परंतु ऐसा कुछ होने वाला नहीं है ।क्योंकि हमारी सरकार या प्रशासन जवाब दे नहीं है ।केवल जनता को ही जवाब देय होना होता है बीना गुनाह के भी कभी-कभी जेल में डाल दिया जाता है। ऐसे सैकड़ो यहां पर वीडियो चौनल दिखाते हैं। न्यूज़ निकलती है ।यह सारी बातें मैं न्यूज़ की ही बोल रहा हूं इसमें मेरा अपना कुछ भी वक्तव्य दिया नहीं है। फिर आप ही बताइए कि भारत देश में हमारा क्या है अपनी इच्छा से हम कुछ कर नहीं सकते रह नहीं सकते चल नहीं सकते फिर हमारा क्या है। आपको इस पर संज्ञान लेकर आगे कदम उठाए और विचार करें कि भारतीयो के पास भारत में अपना क्या है।
