मोहम्मद इमरान
सम्भल ( परिपाटी न्यूज़) मढ़न। असमोली विकासखंड की ग्राम पंचायत टांडा कोठी में खाद्य एवं रसद विभाग के लिए निर्मित उचित दर की दुकान एवं जन सुविधा केंद्र की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बने इस भवन का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं हो रहा है। परिसर में बड़ी संख्या में उपले और कंडे रखे होने से सरकारी संपत्ति के रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं ग्रामीणों के अनुसार सरकार द्वारा राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस भवन का निर्माण कराया गया था,लेकिन वर्तमान में दुकान के शटर बंद रहते हैं और परिसर में उपलों के ढेर दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि भवन का नियमित उपयोग नहीं होने से इसका स्वरूप प्रभावित हो रहा है। साथ ही कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।मौके पर भवन के बाहर खाद्य एवं रसद विभाग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित बोर्ड लगे हुए हैं।इसके बावजूद परिसर

में उपलों और कंडों के ढेर होने से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग को भवन के उचित उपयोग और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए,ताकि इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।इस संबंध में ग्राम पंचायत टांडा कोठी के पंचायत सचिव शिवकुमार ने बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद लगभग ढाई माह पूर्व भवन राशन विक्रेता रवि कुमार को हस्तांतरित कर दिया गया था।उनके अनुसार भवन का संचालन और उपयोग अब संबंधित विभाग तथा राशन विक्रेता की जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि परिसर में रखे उपलों को हटाने और भवन का नियमित उपयोग करने के लिए संबंधित पक्ष को अवगत कराया गया था।पंचायत सचिव ने कहा कि भवन हस्तांतरण के बाद पंचायत की भूमिका सीमित हो जाती है और आगे की व्यवस्थाएं खाद्य एवं रसद विभाग के स्तर से की जानी हैं।ग्रामीणों ने मामले की जांच कर भवन का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित करने की मांग की है।