
हरिओम तोमर
संभल( परिपाटी न्यूज़ ) न्यायमूर्ति अरूण कुमार सिंह देशवाल, प्रशासनिक न्यायमूर्ति संभल, मा. उच्च न्यायालय इलाहबाद द्वारा जिला कारागार संभल स्थित मुरादाबाद एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह संभल स्थित मुरादाबाद का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान माननीय न्यायमूर्ति महोदय द्वारा परिसर की स्वच्छता, बंदियों की आवासीय व्यवस्था, भोजन, चिकित्सीय सुविधा तथा सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया गया तथा बंदियों के पुनर्वास एवं सुधार हेतु चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। उक्त के संबंध में कारागार प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। न्यायमूर्ति महोदय ने कहा कि कारागार केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार गृह है जहाँ बंदियों को समाज में पुनः स्थापित होने का अवसर मिलता है

न्यायमूर्ति महोदय ने महिला बंदियों हेतु पौष्टिक भोजन उनके साथ रह रहें बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था, शिक्षण हेतु व्यवस्था, साफ-सफाई एवं दवा की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए तथा जेल लीगल एड क्लिनिक के प्रपत्रों का निरीक्षण करते हुए कहा कि यदि किसी बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता है। राजकीय संप्रेक्षण गृह में रह रहे बालकों से भी न्यायमूर्ति महोदय ने संवाद किया एवं उनके रहन-सहन, शिक्षा तथा प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बालकों के पुनर्वास एवं मनौवैज्ञानिक परामर्श हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने एवं बच्चों के समग्र विकास हेतु बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान माननीय न्यायमूर्ति महोदय ने प्रत्येक बंदी एंव बालक को उनके विधिक आधिकारों की जानकारी एवं सहायता समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उक्त के निरीक्षण के दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश संभल, डॉ. विदुशी सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संभल, विभांशु सुधीर, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड संभल ललित कुमार, जिलाधिकारी संभल, राजेन्द्र पैंसिया, पुलिस अधीक्षक संभल, कृष्ण कुमार, जेल अधीक्षक, जिला कारागार मुरादाबाद, आलोक सिंह, डिप्टी जेलर, मूल कुमार राही व गीतिका भारद्वाज, जिला प्रोबेशन अधीकारी संभल, चंद्रभूषण, यह जानकारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संभल, विभांशु सुधीर द्वारा दी गई।