
संवाददाता-विक्की जोशी/परिपाटी न्यूज़ मीडिया
गंज बिजनौर पीपीएन। जब से मां गंगा गंज व विदुर कुटी आई है तभी से लोग खुशी के मारे फुले नहीं समा रहे हैं । तथा आज एकादशी के पावन पर्व पर एक कवि गोष्टी का आयोजन किया गया | जिसके माध्यम से कवियों ने अपनी कविताओं को प्रस्तुत किया तथा यह भी बताया कि हम प्रयास करेंगे कि मां गंगा फिर से अपने धाम गंज घाट व विदुर कुटी लौट आए और कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से मां गंगा को कहा कि हमसे कोई त्रुटि हुई है जिसके कारण मां गंगा हमारे महाभारत कालीन विदुर कुटी से लगभग एक किलोमीटर दूर चली गई है।

तथा विकास अग्रवाल ने यह भी बताया कि राय फतेह सिंह के द्वारा गंगा सुधार समिति गंज की स्थापना 1974 हुई थी और कवि वक्ताओं ने यह भी बताया कि हमारी मां गंगा जब तक यहां गंज गंगा घाट व विदुर कुटी रहा करती थी तथा हमारे मन को बहुत शांति मिलती थी और हम स्नान भी अच्छे से कर लेते थे तथा जब से मां गंगा 1 किलोमीटर दूर चली गई हैं तब से हमारे

गंगा घाट उजड़ा चमन से हो गये हैं तथा कोरोना महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंस और माक्स का भी प्रयोग किया गया। कवि गोष्ठी में दीप अंजूम शर्मा (जिलाध्यक्ष संस्कार भारती इकाई), विकास अग्रवाल (संस्कार भारती इकाई विदुर कुटी नगर अध्यक्ष), संजीव एकल (संचालक), जनार्दन (पूर्व की चेयरमैन), रमेश चंद्र महेश्वरी (कवि), डीपी सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य श्री विदुर गुरु ग्रह इंटर कॉलेज दारानगर विदूरकुटी बिजनौर ),

अमित कुमार (विदुर कुटी चौकी इंचार्ज), अशोक जैन (हुक्का बिजनौरी), अरविंद महेश्वरी, पंडित नीरज शर्मा, अनिल महेश्वरी, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र शिखर, पंकज विश्नोई (मास्टर), मोंटू राजपूत, नवनीत महेश्वरी, राशि अग्रवाल, आशु अग्रवाल, विनय अग्रवाल, बाबू श्याम सुंदर शर्मा, विशाल अग्रवाल, मनोज मानव (कवि) आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे
