विक्की जोशी
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही गंगा बैराज क्षेत्र में डाल्फिन एक बार फिर दिखाई देने लगी हैं। पिछले कई महीनों से गंगा की धारा उथली रहने के कारण डाल्फिन नजर नहीं आ रही थीं। अब पिछले दो-चार दिनों से इनके दिखाई देने से गंगा बैराज पहुंचने वाले पर्यटकों में उत्साह है।गंगा में पानी काफी समय से बह रहा है, लेकिन डाल्फिन हाल ही में दिखाई देना शुरू हुई हैं। गंगा में डाल्फिन देखने और नदी की सैर करने के लिए लोग जल सफारी का भी आनंद लेते हैं। सफारी के दौरान डाल्फिन का पानी से बाहर आना पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।गंगा नदी में कई तरह के जलीय जीव पाए जाते हैं। इनमें मगरमच्छ, घड़ियाल और डाल्फिन भी

शामिल हैं। गंगा बैराज क्षेत्र में डाल्फिन की मौजूदगी लंबे समय से लोगों के आकर्षण का विषय रही है।गंगा में पाई जाने वाली डाल्फिन को स्थानीय स्तर पर ‘सूंस’ भी कहा जाता है। इनके संरक्षण को लेकर ‘मेरी गंगा मेरी सूंस’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गंगा में डाल्फिन की गणना भी की जाती है। बिजनौर में यह गणना गंगा बैराज से शुरू होकर नरौरा बैराज, बुलंदशहर तक की जाती है।गंगा बैराज क्षेत्र में डाल्फिन दिखाई देने से जल सफारी से जुड़े लोगों और पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्यटक गंगा की प्राकृतिक सुंदरता के साथ डाल्फिन को देखने के लिए सफारी का रुख कर रहे हैं। आने वाले दिनों में गंगा की स्थिति और डाल्फिन की गतिविधियों के आधार पर इनके दिखाई देने का क्रम बना रह सकता है।
