देवेश्वर धीमान
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)| जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरटीओ, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सर्दी के मौसम में बढ़ते कोहरे को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग एवं

एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी हाईवे पर प्राथमिकता के आधार पर सड़क के दोनों ओर सुरक्षात्मक चिन्ह एवं रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं। उन्होंने दुर्घटना संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर दुर्घटना संबंधी जागरूकता पोस्टर लगाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिले के चिन्हित ‘ब्लैक स्पॉट’ पर विशेष चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक उपाय किए जाएं। इनमें स्पष्ट साइनेज, रंबल स्ट्रिप, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक सड़क सुधार कार्य शामिल हों। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि हाईवे से जुड़ने वाले सभी मार्गों पर शीघ्र स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। जिलाधिकारी ने गन्ना परिवहन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि सभी चीनी मिल अधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना फिटनेस और ओवरलोडेड वाहनों का किसी भी स्थिति में संचालन न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में शिकायत मिलने पर वाहन स्वामी के साथ-साथ मिल प्रबंधन के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थानों पर टेबल टॉप रोड ब्रेकर बनवाने तथा उन पर सफेद लाइन अंकित करने के निर्देश दिए ताकि वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत मिल सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। साथ ही हाईवे पर शेष बचे अवैध कट को तत्काल बंद कराने के निर्देश भी दिए गए। छात्रों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग और आरटीओ को निर्देशित किया कि सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस एवं चालकों के लाइसेंस की सघन जांच की जाए। बिना फिटनेस किसी भी वाहन के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विगत अवधि में हुई सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।