एसपी तंवर
मुरादाबाद (परिपाटी न्यूज)। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद द्वारा मुख्य परीक्षा वर्ष 2025–26 के अंतर्गत सेमेस्टर प्रणाली में अध्ययनरत छात्रों को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यालय ज्ञाप जारी किया गया है। विश्वविद्यालय के इस आदेश में अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित (सेल्फ फाइनेंस) पाठ्यक्रमों एवं विषयों में अध्ययनरत छात्रों से ₹500 प्रति छात्र विकास शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की ओर से 23 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है, जिसके बाद महाविद्यालयों एवं छात्रों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह शुल्क सभी छात्रों से नहीं लिया जाएगा कार्यालय ज्ञाप में विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ₹500 का यह विकास शुल्क सभी छात्रों पर लागू नहीं होगा। यह शुल्क केवल स्ववित्तपोषित योजना के

अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों एवं विषयों में अध्ययनरत छात्रों से ही लिया जाएगा। नियमित, अनुदानित एवं सामान्य पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वसूली नहीं किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यालय ज्ञाप के अनुसार समरथ पोर्टल के माध्यम से इस विकास शुल्क को ऑनलाइन लिए जाने में असमर्थता के चलते विश्वविद्यालय ने संबंधित महाविद्यालयों को अपने स्तर से छात्रों से ₹500 की राशि एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। इसके पश्चात यह संपूर्ण राशि एकमुश्त बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के पक्ष में जमा कराई जाएगी।
छात्र-छात्राओं में निराशा, बढ़ते खर्च का हवाला
विश्वविद्यालय के इस आदेश के बाद स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में निराशा देखी जा रही है। छात्रों का कहना है कि पहले ही प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में ₹500 का अतिरिक्त विकास शुल्क उनके लिए आर्थिक बोझ साबित हो सकता है। कई छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस शुल्क पर पुनर्विचार करने अथवा इसे ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ही समायोजित करने की मांग की है, जिससे पारदर्शिता बनी रह सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे केवल विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों एवं विषयों के परीक्षा फॉर्म ही सत्यापित करें। बिना मान्यता वाले किसी भी पाठ्यक्रम में परीक्षा फॉर्म सत्यापित किए जाने की स्थिति में उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रशासन की होगी।