विककी जोशी
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़ ) चंदक,मौके पर बड़ी संख्या में अधजली वैक्सीन वॉयल और अन्य दवाइयां भी पड़ी हुईं थीं। बताया जाता है कि क्षेत्र में पशुओं का टीकाकरण कागजों में दर्शाया गया है। इसलिए स्टॉक सही दिखाने के लिए बची हुई वैक्सीन को कूड़े के ढेर में डालकर जलाया जा रहा है। उधर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी लोकेश अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। पता कराया जाएगा कि वैक्सीन इस हालत में क्यों थीं। कूड़े के ढेर में 50 से ज्यादा वैक्सीन की वॉयल पड़ी मिलीं, इनकी एक्सपायरी डेट 2026 है जबकि कुछ के रैपर जल चुके थे। सोमवार को पशु चिकित्सा केंद्र के शौचालय में दवा से भरी कांच की वॉयल का ढेर मिला। चिकित्सक से जानकारी करने पर पता लगा कि ये खुरपका-मुंहपका रोग क वैक्सीन हैं। कूड़े ढेर में वैक्सीन पड़ी मिलने के संबंध में जब चिकित्सा प्रभारी आलोक कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया के उन्होंने ये वैक्सीन यहां पर रखवाईं थीं। कूड़े के ढेर में कैसे चलीं गईं, उन्हें जानकारी नहीं है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पशुओं में खुरपका-मुंहपका की बीमारी फैल रही है। इसके बावजूद इस बीमारी की रोकथाम के लिए लगाई जाने वाली वैक्सीन को खुड़ाहेड़ी पशु अस्पताल के शौचालय में कूड़े के ढेर में डालकर जला दिया गया।
