
संवाददाता देवेश्वर धीमान/परिपाटी न्यूज मीडिया
बिजनौर पीपीएन। इलेक्शन कमीशन के नियमों की उड़ी धज्जियां। वैसे तो सरकार नए-नए नियमो का पालन करा रही है लेकिन व्यक्ति इस कोरोना काल में भी ग्राम प्रधान बनने की खुशी में मतगणना कराने के लिए एक दूसरे के सिर पे चढ़ने के लिए तैयार हैं वोटिंग ना हुई मानो इनके हाथ कोई जादुई चिराग लगने वाला हो। इस खुशी की लहर में जाने कितने घर बर्बाद हो जाते हैं। फिर व्यक्ति अस्पतालों और शासन के कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं लेकिन ग्राम प्रधान बनने के चक्कर में व्यक्ति यह भूल जाते हैं कि कोरोना काल भी चल रहा है जिसके कारण हमारा भारत दुखों का पहाड़ झेल रहा है
तथा ऑक्सीजन की कमी होना हॉस्पिटल में बैड ना होना, ये सब समस्याओं से जूझ रहा है और फिर जनता सरकार को दोष दे देती है। लेकिन जनता यह नहीं समझ पाती कि गलती हमारी ही होती है। प्रधान बनने के चक्कर में अपने बीवी बच्चों और अपने परिवार को भी भूल जाते हैं ऐसे में व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए जैसे कि आप सभी जानते हैं कोरोना का दूसरा भयंकर वाला रूप जनता के बीच में आया है इससे हमें सावधान रहना चाहिए

