
वर्तमान समय दैविक परिवर्तन का चल रहा है,कुछ दैविक आत्माएं विभिन्न रूपों में आकर अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में सहायक बनी हुई है-संघर्षी
रिपोर्ट – मुनेश चन्द शर्मा/ परिपाटी न्यूज़ मीडिया, चांदपुर।
चांदपुर ( परिपाटी न्यूज़) वन श्री विष्णु धाम मंदिर व आश्रम मौ0गोकुल नगर सिलारा चांदपुर में चल रही प्रत्येक वृहस्पतिवार को दौ0-1बजे से सांय 4बजे तक, संगीतमयी दिव्य श्री राम कथा में प्रवचन करते हुए कथा प्रवक्ता महंत पं0रविन्द्र भारद्वाज संघर्षी जी महाराज (चांदपुर वाले गुरुजी) ने कथा में प्रवचन करते हुए कहा “कि वर्तमान समय दैविक परिवर्तन का चल रहा है, कुछ दैविक आत्माएं विभिन्न रूपों में आकर अयोध्या में श्रीराम राम मंदिर निर्माण में सहायक बनी हुई है। उसमें नेता -अभिनेता, साधु -संत, ब्राह्मण- भक्त, कोई भी हो सकता है। हमें केवल भगवान श्री राम की विश्व मोहिनी माया ही ये महसूस करवा रही है, कि अयोध्या में श्रीराम राम मंदिर हम बनवा रहे हैं। जबकि सत्य तो ये है, कि प्रभु श्रीराम जी ने बिना एक पत्ता तक भी नहीं हिल सकता। सम्पूर्ण संसार को उनकी विश्व मोहिनी माया ही चला रही है।

श्री संघर्षी महाराज ने कहा कि” 550 वर्ष का संघर्ष मेरे हिन्दू समाज का 22जनवरी सोमवार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में भगवान श्री राम जी की प्राण प्रतिष्ठा के रूप में साकार हो रहा है। समस्त हिन्दू समाज को खुल्ले दिल से तन मन धन से पूर्ण सहयोग करना चाहिए। और एक भव्य दीपावली के रूप में पर्व मनाना चाहिए। सभी भक्त अपने -अपने आसपास के मन्दिरों में भजन-कीर्तन व दीप-दान कर दीपावली मनाये।

श्री संघर्षी महाराज ने कहा कि लगभग साढ़े पांच सौ वर्ष से हिन्दू समाज श्री राम मंदिर के लिए संघर्ष करते आ रह था । इसी कारण अयोध्या में भगवान श्री राम जी की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर अपने “श्री विष्णु धाम मंदिर व आश्रम” मौ0-गोकुल नगर (सिलारा) चांदपुर में सभी भक्त अपने-अपने घर से 11-11दीपक लाकर भजन- कीर्तन कर 551 दीप -दान करके सांय काल 5-30 बजे विशाल आरती की करें भगवान सभी के मनोरथ पूर्ण करेंगे। “जय श्री राम”
इसवार श्री संघर्षी जी महाराज ने श्री राम कथा
कथा में सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि –सठ सुधरहि सतसंगति पाई।
पारस परिस कुधातु सुहाई।।

बड़े -बड़े अज्ञानी भी सत्संग की महिमा से सुधर जाते हैं जैसे परस पत्थर के स्पर्श से लोहा भी सोना हो जाता है।
श्री राम कथा में श्रीमती पूनम देवी,विनीता सैनी, श्री मति ममता भारद्वाज, श्रीमती सोनम त्यागी,कुसुम शर्मा, बीना साधना, श्रीमती मृदुला मित्तल, श्रीमती हेमलता देवी,दिव्या गर्ग, प्रकाशोवती, आंचल भारद्वाज, साक्षी पवार, रूपाली देवी,ऊषा चौहान, सीमा सैनी, सुनीता देवी,किरन वर्मा,मधु बंसल,सरोज चौधरी, ऊषा सैनी, उमंग गोयल, हिमानी सैलानी,नीलम सैलानी, तानिया सैलानी, साक्षी पवार, हरि शंकर सैनी (पत्रकार बन्धु) हर्षित प्रजापति ,ममता सैनी,आरती सैनी, शोभा सैनी , श्री विकास त्यागी, संदीप बिल्ला हर्षित भारद्वाज, कार्तिक भारद्वाज, गोपीचंद, बरूण गर्ग,इत्यादि का कथा में विशेष सहयोग रहा।