
रिपोर्ट सतवेन्दर सिंह गुजराल/परिपाटी न्यूज़ मीडिया नूरपुर
नूरपुर बिजनौर (परिपाटी न्यूज़)। ऋषियों की तपोस्थली भारत सेवा धाम आरण्यक न्यास मोरना माता गौरी रैना ने देश को स्वतंत्र करने में बहुत बड़ा सहयोग किया था, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ रहकर आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई, उन्होंने अंतिम समय तक भारत सेवा धाम आश्रम को अपनी कर्मभूमि बनाया, माता जी की पुण्य स्मृति के अवसर पर सैकड़ो गांव के लोगों को आमंत्रित कर 51

कुण्डीय कर दैनिक हवन अग्निहोत्र करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल मुंढाल से आए रामुनि आर्य एवं जयप्रकाश आर्य के मार्गदर्शन में वैदिक मित्रों से हुआ। अलग-अलग यज्ञ बेदी पर दंपति जोड़े ने घृत एवं पुष्टि कारक, रोग नाशक, सुगंधीत वर्धक सामग्री की आहुति दी इस अवसर पर योगाचार्य प्रकाश चन्द ने कहा कि इतिहास की ओर दृष्टि डालें तो भगवान राम, भगवान कृष्ण ,राजा महाराजा ,ऋषि मुनि एवं ग्रामवासी दैनिक यज्ञ किया करते थे, हम स्वयं पिछले 1 वर्ष से दैनिक यज्ञ करते हैं उन्होंने कहा कि हर प्रकार का सुख, स्वस्थ, समृद्धि के लिए यज्ञ का महत्वपूर्ण योगदान है, इससे जड़, चेतन 33 कोटि देवता पुष्ट एवं प्रसन्न होकर धर्म ,अर्थ, काम और मोक्ष ईश्वर प्राप्ति में सहयोग करते हैं, योग शिक्षक प्रकाश ने अल्प सहयोग दान राशि लेकर दंपति जोड़ों को हवन बेदी उपलब्ध कराकर अग्निहोत्र करने की प्रेरणा दी सेवा धाम आश्रम के

महासचिव अनिल कुमार कमल ने कहा कि माँता गौरी रैना ( विदेह) की द्वितीय पुण्यतिथि पर आचार्य दूरदराज क्षेत्र से पधारे उन सभी का आभार ,धन्यवाद धर्म प्रेमी ,में यज्ञ को पृथ्वी पर सर्वश्रेष्ठ कार्य बताते हुए विस्तार से प्रकाश डाला समाज के प्रत्येक परिवार को नियमित यज्ञ करने या साप्ताहिक, पाक्षिक ,मासिक या परिस्थितियों अनुसार वर्ष भर अपने परिवार में मनाएं जाने वाले त्योहारों होली, दीपावली, आदि की पूजा होम को करने के लिए तसले , परात, तवा, कड़ाई के स्थान पर यथोचित सम्मान पूर्वक देवताओं को विधिवत् आहूति भोग प्राप्त हो सके के लिए यज्ञ वेदी ( हवन कुंड) की अनिवार्यता बतातें हुए योगाचार्य प्रकाश के सहयोग से मात्र 125/ रुपये की अल्प राशि सहयोग मात्र में उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशंसा एवं धन्यवाद अर्पित किया। इस दौरान देवराज कमल एवं व्यवस्थापक आचार्य हरेंद्र के मार्गदर्शन में लोकेश, भूईयार, सुरेंद्र पाल ,हरीश कुमार, रामकुमार ,रामवीर, अवनीश कुमार, ओमपाल, भुवनेश्वर पंडित धनेश्वर ,अखिलेश कुमार, डॉ मनीष कुमार, डॉक्टर पितांबर आदि का सहयोग रहा। कुशल संचालन महासचिव अनिल कुमार कमल ने किया।