
रिपोर्ट- आकाश कुमार/परिपाटी न्यूज़ मीडिया स्योहारा
स्योहारा बिजनौर(परिपाटी न्यूज़) स्योहारा पुलिस का कारनामा भी गजब है। हादसे में युवक की मौत के गुनहगार चालक को बचाने के पुलिस ने 4 माह से पूरी ताकत लगा रखी है। स्वजन के आरोप हैं कि पहले गलत चालक के खिलाफ चार्जशीट भेज दी फिर उन्होंने असली चालक के बारे में सबूत पेश किया तो एसपी ने आरोप पत्र वापस करा दिया। अब पुलिस विवेचना पर कुंडली मारकर बैठ गई है। पुलिस ने बताया है कि अब साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव कृष्णा राम पुर निवासी मृतक की मां निर्मष देवी पत्नी कुंवर पाल सिंह ने अब लखनऊ जाकर डीजीपी से गुहार लगाते हुए स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसके छोटे भाई सुमित कुमार की 24 अगस्त को बुलेरो गाड़ी की टक्कर से मौत हो गई थी। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ स्योहारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले में ब्रजराज के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। उन्होंने सीडीआर और गवाह देते हुए बताया था कि पुलिस द्वारा बनाया गया आरोपित चालक फर्जी है। असली चालक दीपू चौहान है।

उसकी लोकेशन मौके पर थी और उसको मौके पर भी देखा गया था लेकिन फिर भी पुलिस ने दबाव और मिलीभगत कर उसे आरोपित नहीं बनाया। उसके नौकर को चालक के रूप में आरोपित बना दिया। एसपी से शिकायत के बाद चार्जशीट को पुनः विवेचना के लिए थाने भेज दिया गया। दो महीने से विवेचना थाने में अटकी है। विवेचक आए और बदल गए। कोई भी चार्जशीट असली आरोपित के खिलाफ भेजने के लिए तैयार नहीं है। ।और पीड़ित पक्ष इंसाफ पाने को दर दर भटक रहे हैं जबकि असली आरोपी की फोन लोकेशन घटना वाले स्थान पर उसी समय पाई गई है। जिसके बाद परेशान मृतक परिवार ने अब डीजीपी से लेकर तमाम अधिकारियो से न्याय की गुहार लगाई है। जिसके बाद स्थानीय पुलिस और आरोपी पक्ष में हलचल मची हुई है।