
संवाददाता- आकाश कुमार
स्योहारा(बिजनोर) परिपाटी न्यूज़- ग्राम रामपुर निवासी त्रिवेंद्र सिंह पुत्र होराम सिंह निवासी ग्राम रामपुर ने बताया कि प्रार्थी के पिता की मृत्यु हो गयी है प्रार्थी के पिता के नाम की जमीन खसरा न.129/2रक्बई 0.7820 है० स्थित ग्राम रामपुर, परगना स्योहारा तहसील धामपुर है प्रार्थीव प्रार्थी की माता आशा देवी व प्रार्थी के भाई परवेन्द्र, राकेश व प्रमोद निवासीगण रामपुर थानास्योहारा उक्त जमीन के तन्हा मालिक व काबिज है प्रार्थी व प्रार्थी की माता व भाई की जमीन

मौकेपर कम है उक्त जमीन के सम्बन्ध में प्रार्थी, प्रार्थी की माता व भाइयो ने एक मुदकमा गावं केचंद्रपाल, सत्यपाल, राजपाल, खूब सिंह, वीर सिंह व कृपाल के खिलाफ किया था जिसमे स्टे चलरहा है लेकिन लेखपाल नरेंद्र सिंह इन लोगो से हमसाज होकर हमारी उपरोक्त जमीन मेंखड़ी ईख की फसल को खुर्द-बुर्द करके जबरदस्ती गलत तरीके से टंकी बनवाने के लिए दोनोंचाहते है जबकि हमारी उक्त जमीन को खुर्द-बुर्द करने व फसल नष्ट करने व टंकी लगाने का कोईआदेश नही है और न ही उक्त जमीन में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार है।ग्राम प्रधान इस्लामुद्दीन व लेखपाल नरेंद्र व विपक्षी की मिली भगत से हमारे चक परअबैध रूप से टंकी का निर्माण किया जा रहा है जिसको रुकवाने के लिए 129/2 पर स्टे लिया हुआ है इसके बावजूद भी129/2 चिनाई का कार्य जारी है इसमें निर्माण रुकवाकर जाँच कर हमारा रकबा पूरा करायाजाये व इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाये।प्रार्थी ने बताया की उन्हें प्रधान व दूसरे पक्ष से लगातार धमकी मिल रही है जिस कारण प्रार्थी का पूरा परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। हालाकि पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद फिलहाल टंकी का निर्माण रुका हुआ है लेकिन पिछले दो दिनों से सिंचाई विभाग की टीम फिर यहां टंकी के निर्माण के लिए डेरा डाले हुई है। जिसके बाद पीड़ित पक्ष में फिर भय का माहोल बना हुआ है और सभी पीड़ितो में शामिल तिर्बेंद्र,प्रवेंद्र,प्रमोद,बालकरन,नन्हे,चंद्रपाल,काले, बाबूराम, यशपाल,कुमर, आशा देवी ,कलावती,रामवती। कमला,प्रमोद आदि ने टीम का विरोध करते हुए मौके पर ही जमे हुए हैं,जबकि सभी के गुस्से को देखकर टीम ने काम शुरू नही किया जबकि पीड़ितो ने कहा कि अगर उनको इंसाफ मिले बिना और उनकी जमीन वापस मिले बिना अगर टंकी का निर्माण जबरन हुआ तो अपने बच्चो सहित जान देने को मजबूर होंगे क्योंकि जब उनके पास उनकी जमीन ही नही बचेगी तो उनको जीने से भी क्या लाभ होगा।