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संवाददाता जोगेंद्र तोमर

पीलीभीत (पीपीएन) अवैध खनन के मामले में जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। एक पुराने मामले में डीएम ने फर्म को ब्लैकलिस्टेट करने की संस्तुति करते हुए संपत्ति से वसूली को लेकर उप सचिव खनन को पत्र लिखा है। साथ ही हैसियत और चरित्र प्रमाण-पत्र को निरस्त करते हुए पूरे प्रदेश में इस फर्म को ब्लैकलिटेस्ट करने की पेशकश की है। फर्म भाजपा के एक बड़े नेता के भाई की बताई जा रही है।
एक साल पहले बीसलपुर में अवैध खनन मामला प्रकाश में आया था। अनुमति के नाम पर खनन प्वाइंट के अलावा ग्राम समाज की जमीन और देवहा नदी के कटान क्षेत्र में अवैध खनन किया गया। बाढ़ से पीड़ित ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की पर कोई एक्शन न होने पर बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने मुद्दा उठाया। जिलास्तर पर सुनवाई न होने पर विधायक ने शासन में भी शिकायत की थी। इसके बाद बीसलपुर एसडीएम से मामले की जांच कराई गई। जांच में बड़े स्तर पर अवैध खनन पाया गया। इस मामले में बीसलपुर थाने में मैसर्स अर्थ एण्ड, स्पेंस कॉन्ट्रेक्र्स प्रो. धर्मेद्र प्रताप सिंह राठौर शाहजहांपुर और ढुक्सी निवासी महेंद्रपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना लंबित है। इस प्रकरण में खनन निरीक्षक जितेंद्र शर्मा को निलंबित किया जा चुका है। वसूली को लेकर जारी हो चुकी है

आरसी अवैध खनन में डीपीएस राठौर पर 87.90 लाख और महेंद्र पाल पर 16.82 लाख पर जुर्माना लगा था, जो आज तक जमा नहीं हुआ। इसको लेकर आरसी जारी की जा चुकी है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि अवैध खनन का एक ठेकेदार शाहजहांपुर का है। वसूली को लेकर शाहजहांपुर डीएम को पत्र लिखा गया है। वहीं बीसलपुर के ठेकेदार से वसूली को लेकर एडीएम वित्त को निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तत्कालीन तहसीदार को प्रतिकूल प्रविष्ट दी।
एसडीएम की जांच में हुआ था खुलासा इस मामले में बीसलपुर एसडीएम ने 21 अक्तूबर 2020 को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें कहा था कि क्षेत्र के राजपुर कुंडरी व कर्रखेड़ा के पास खनन चिन्हित किए गए थे। खनन की परमीसन मैसर्स अर्थ एण्ड, स्पेंस कॉन्ट्रेक्र्स प्रो. डीपीएस राठौर शाहजहांपुर और ढुक्सी निवासी महेंद्रपाल के नाम थी। नहीं खुला बीसलपुर के खनन माफिया का नाम सूत्रों की माने तो बीसलपुर के एक युवक का अवैध खनन कराने में पूरा संरक्षण था। उसी ने ही किसान महेंद्रपाल को मोहरा बनाते हुए उसके नाम पट्टा कराया था और खुद साइड में रहा है। जब मामला फंसा तो वह बच गया और किसान फंसे गए। अवैध खनन का प्रकरण मेरे से पहले का है। बीसलपुर विधायक ने संज्ञान में लाया तो पत्रावलियां तलब की। काफी गड़बड़ी मिली है। ठेकेदार को शोकाज नोटिस जारी करते हुए फर्म को ब्लैक लिस्टेट करने की संतुति की गई है। जुर्माने को लेकर आरसी जारी हो चुकी है। शाहजहांपुर के एक ठेकेदार से वसूली के लिए डीएम शाहजहांपुर को भी लिखा है।

By विक्की जोशी

विक्की जोशी मंडल आई.टी. प्रभारी मुरादाबाद