
संवाददता – मनोज कुमार सैनी
गंज बिजनौर (पीपीएन) यू तो आप सभी जानते होंगे कि कई बार बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों की लापरवाही से कितने लोगो को व पशुओं को अपनी जान गवानी पड़ी है ओर उसके बाद भी इस विभाग के वही कार्य काफी समय तक पेंडिंग मे ही पड़े होते हैं ओर कुछ मामलों को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि शायद विभाग को किसी बड़े बड़े हादसे का ही इंतजार है जी हां ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश राज्य में जनपद बिजनौर के ग्राम पंचायत निजामतपुरा के ग्राम निजामपुरा से सामने आया है जहा बस्ती के बीच से होकर गुजर रही ,11000 वोल्ट करंट की विद्युत लाइन का तार अचानक ही किसी अज्ञात कारण से नीचे गिर गया जब ग्राम निजामपुरा के ही दो युवक अरविन्द पुत्र आशाराम व जसपाल पुत्र नंदराम किसी काम के लिए रास्ते से होकर गुजर रहे थे

तो तभी आम रास्ते के उपर से बिजली का तार दोनों युवकों को स्पर्श करते हुए नीचे गिरा लेकिन उन्होंने बताया कि जब तार उनके उपर से गुजरा तो उसमे करंट नहीं होगा क्योंकि तार सायद फॉल्ट की वजह से ही कट कर गिरा होगा ओर तार जब जमीन पर गिरा तो उसमे विधुत धारा प्रवाहित हो रही थी ओर तार के जमीन पर लगते ही सड़क में आग लगने लगी और वही एक ग्रामीण अपने किसी काम से जाने के लिए अपने घर से अपने भैंसे को निकाल ही रहा था कि उसने देखा कि बाहर खड़ी बोगी की बम भी उसी आग से जल रही हैं यह देखकर वह व्यक्ति अपने परिवार के साथ अपने घर में ही रहा ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा आज पहली बार नहीं हुआ है बल्कि यहां अक्सर इस लाइन की वजह से ऐसे हादसे होते रहते हैं ओर कई बार तो बिजली के पोल में भी करंट आने की सूचना विभाग को दी गई है लेकिन बिजली विभाग के कानो पर कभी भी जूं नहीं रेंगती है शायद विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतेज़ार है ओर वही जब अरविन्द कुमार ने जे ई बहराम सिंह दरानगर गंज से संपर्क किया ओर अपनी आप बीती सुनाई की तार मेरे सिर पर आकर लगा है ओर सौभाग्य से मेरी जान बची हैं तो जे ई साहब ने कहा

कि तार सिर पर नहीं गिरता है जैसे कि उन्होंने तारो को कोई विशेष शिक्षा दी हो ओर जब अरविन्द ने उन्हें घटना स्थल पर आने को कहा तो जे ई ने ये कहकर टाल दिया कि में आऊंगा लेकिन सूचना लिखे जाने तक कोई भी विभाग का अधिकारी घटना स्थल का निरक्षण करने नहीं आया था ओर वही विभाग की लापरवाही बरतने से परेशान लोगो ने विभाग के अधिकारियों पर मुफ्त का वेतन लेने का आरोप लगते हुए बताया कि उन्हें ऐसे अधिकारियों की कोई जरूरत नहीं है जो अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभाते हैं