
संवाददाता-विक्की जोशी/परिपाटी न्यूज़ मीडिया
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़) कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में मतदेय स्थलों का सम्भाजन अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जाएगा, सूची तैयार करते समय मतदेय स्थल भवनों के नामों को विशेष रूप शुद्व और साफ़ शब्दों में ध्यानपूर्वक अंकित करें
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा बताया कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में मतदेय स्थलों का सम्भाजन अधिकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन मतदेय स्थल भवन तथा उससे सम्बद्व किए जाने वाले निर्वाचक नामावली की सुसंगत भाग के शत प्रातिशत भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाएगा अर्थात भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आसपास भौतिक रूप से पाया जाए। उन्होंने उक्त सम्बन्ध में संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि सत्यापन का कार्य पूर्ण गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कराया जाना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा आज 4ः00 बजे कलक्ट्रेट सभागार में मतदेय स्थलों के सम्भाजन के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-25 के अनुसार मतदेय स्थलों के कार्य के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तरदायी होते हैं। विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार मतदेय स्थलों का निर्धारण करने के बाद मतदेय स्थलों की नई सूची तैयार की जाएगी और उसका आलेख समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि उसके बाद मतदेय स्थलों की इस आलेख्य सूची पर राजनैतिक दलों, विधायकों, सांसदों के साथ एक बैठक का आयोजन कर विचार-विमर्श के बाद आलेख सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सूची तैयार करते समय मतदेय स्थल भवनों के नामों को विशेष रूप से शुद्व और साफ़ शब्दों में ध्यानपूर्वक अंकित करें, ताकि उसकी शुद्वता बनी रहे।
श्री उमेश मिश्रा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिला बिजनौर की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों में परिवर्तित किया जाना प्रस्तावित है उन्होंने बताया कि 1200 से अधिक वाले मतदेय स्थलों की संख्या जिन्हें विभाजित कर मतदेय स्थल बनाया जाना प्रस्तावित है, की संख्या 104, पुर्न समायोजित किए गए मतदेय स्थलों की संख्या 124, ऐसे मतदेय स्थल जहां पर 07 या 07 से अधिक मतदेय स्थल एक ही मतदान केंद्र में स्थापित हैं और उन्हें परिवर्तित कर दूसरे भवन में स्थापित किया गया हो 04, अत्याधिक पुराने व जर्जर/क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवर्तित मतदेय स्थलों की संख्या 17 है। इसके अलावा अन्य मतदेय स्थलों को भी परिवर्तित किया जाना प्रस्तावित है। उक्त सम्बन्ध में उन्होंने राजनैतिक दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों का आहवान किया कि उनके संज्ञान में कोई मतदेय स्थल परिर्वतन योग्य हो, कोई शासकीय भवन जिसमें उसे स्थापित किया जा सकता हो, जिला प्रशासन को अवगत कराएं ताकि जांचोपरांत मतदेय स्थल को परिवर्तित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि/रा अवधेश कुमार मिश्रा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।