
संवाददाता-देवेश्वर धीमान/परिपाटी न्यूज मीडिया
गंज बिजनौर पीपीएन। जैसा कि हम सब जानते हैं कि जब से उत्तर प्रदेश का कार्यभार नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संभाला गया है तब से प्रदेश में सभी को गौ और गंगा के प्रति जागरूक किया जा रहा है और दोनों की योजनाओं पर सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर खर्च भी किया जा रहा है और दोनों की स्थिति में सुधार भी कहीं-कहीं समय अनुसार मिलता है चाहे किसी आला अधिकारी का आगमन हो या फिर से संबंधित विभाग के अधिकारी को निरीक्षण करना हो लेकिन जब सड़कों और जंगलों व कहीं घाटों पर अचानक जाकर देखा जाए तो यह दोनों ही योजनाएं विफल होती नजर आ जाती हैं और वही यदि बात गो वंश की की जाए तो उसकी हालत तो और भी ज्यादा

खराब है जिसकी बर्बरता को सड़क पर खुलेआम देखा जा सकता है और यह प्रजाति इतनी बड़ी दिक्कतों का सामना कर रही है की गाय तो आज सड़कों और जंगलों में भूखी तड़प कर मर जाने को विवश हैं और यदि बात गंज क्षेत्र की करें तो यहां तो और भी बुरा हाल है यहां कई आवारा पशुओं को कुत्तों के द्वारा जीवित ही निवाला बना लिया जाता है और जिसे देखकर रोना आता है इस प्रजाति की दुर्दशा पर तथा कभी कोई किसान अपनी फसल को इनसे बचाने के लिए जाने या अनजाने मे जानलेवा प्रहार कर दिया करता है यदि कोई इन आवारा कुत्तों और किसानों से बच जाए तो वह सड़क हाईवे पर चल रहे वाहनों की चपेट में आकर खुद व वाहन और वाहन स्वामी को भी क्षति पहुंचाते हैं तथा परलोक सिधारने का रास्ता साफ कर देते हैं कुछ अज्ञात सूत्रों द्वारा यह भी मालूम हुआ है कि इस संबंध में कई बार आला अधिकारियों तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है किंतु अभी तक उन पर कोई उचित कार्यवाही नहीं हुई है तथा आवारा पशुओं की स्थिति पहले से भी बदतर बनी हुई है