चौधरी अमरीक सिंह
मुरादाबाद (परिपाटी न्यूज) मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी ने शिक्षकों के नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए अनुभवों को साझा करने पर दिया जोर जनपद में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त विकास खण्डों से चयनित शिक्षकों के साथ विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में संवाद सत्र आयोजित किया गया। संवाद सत्र में शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में अपनाई जा रही प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री (टी.एल.एम.) के उपयोग तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे विभिन्न नवाचारों का विवरण वन-पेजर के माध्यम से प्रस्तुत किया। शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार रचनात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की कक्षा में सहभागिता और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों के साथ विस्तार से संवाद करते हुए उनके शिक्षण अनुभवों, विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों तथा शिक्षण कार्य के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।

उन्होंने शिक्षकों के सुझावों एवं अनुभवों को गंभीरता से सुना और उनके द्वारा किए जा रहे सकारात्मक एवं नवाचारी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और आवश्यकताओं के अनुरूप सरल, रोचक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण विधियों को अपनाएं तथा एक-दूसरे के अच्छे प्रयोगों और अनुभवों से भी सीखें। संवाद के दौरान विद्यार्थियों में स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता विकसित करने, स्व-अध्ययन को प्रोत्साहित करने तथा नियमित पुनरावृत्ति के माध्यम से सीखी गई विषयवस्तु को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रत्येक कालांश के लिए सुनियोजित एवं संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री (टी.एल.एम.) का उपयोग, विद्यार्थियों को स्वतंत्र अभ्यास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रीड अलॉन्ग ऐप का प्रयोग, शिक्षण प्रक्रिया में अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता तथा सकारात्मक प्रोत्साहन के माध्यम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों के नवाचारी प्रयासों को सराहनीय बताते हुए ऐसे प्रभावी प्रयोगों को अन्य विद्यालयों तक पहुंचाने तथा उनके व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। संवाद सत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह सहित जनपद के विभिन्न विकास खण्डों से चयनित शिक्षक उपस्थित रहे।
