मोहन कुमार शर्मा
हरिद्वार (परिपाटी न्यूज़)। धनौरी क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम धनोरा में आयोजित भगवान जाहरवीर गोरखनाथ का वार्षिक मेला शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। मेले में आसपास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, मेले में करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर महाड़ी पर निशान चढ़ाए और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान जाहरवीर गोरखनाथ का आशीर्वाद लिया।सुबह से ही मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। ग्राम धनोरा, धनौरी, जसवावाला, गढ़मीरपुर, औरंगाबाद, दौलतपुर सहित आसपास के कई गांवों से लोग परिवार के साथ मेले में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने महाड़ी पर निशान चढ़ाकर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। इस दौरान मेले में धार्मिक वातावरण बना रहा।मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना कर पुजारी मंडल से आशीर्वाद प्राप्त किया। कई श्रद्धालु निशान लेकर महाड़ी तक पहुंचे। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों और महिलाओं ने भी मेले में विशेष उत्साह के साथ भाग लिया।महाड़ी के पुजारी

मंडल के सदस्य अंकुर कुमार कश्यप ने बताया कि ग्राम धनोरा में प्रत्येक वर्ष भगवान जाहरवीर गोरखनाथ के मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु महाड़ी पर निशान चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।मेले की तैयारियों को लेकर प्रबंध समिति की ओर से पहले से ही व्यवस्थाएं की गई थीं। बलजोर सिंह भगत, शशि कुमार भगत, विकास सैनी और निशु सैनी सहित समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेले की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।बताया गया कि मेले से पूर्व महाड़ी के पुजारी मंडल के सदस्य अंकुर कुमार कश्यप आदि ने झंडा लेकर ग्राम धनोरा और धनौरी क्षेत्र में भ्रमण किया तथा लोगों को मेले में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और दिनभर मेले में धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं।मेले के संपन्न होने के साथ ही श्रद्धालुओं ने भगवान जाहरवीर गोरखनाथ से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।
