शिव कुमार
संभल( परिपाटी न्यूज़) के असमोली ब्लॉक मातीपुर धकतोड़ा में भूमपिया व दबंग प्रधान पति गजमराम व अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर लेखपाल सुभाष सिंह की लोकेशन ट्रेस कर स्कॉर्पियो गाड़ी से पहुंच लेखपाल के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। लेखपाल सुभाष ने अपने लेखपाल साथियों से आब बीती जाकर बताइए और संभाल एसडीएम नायब तहसीलदार और संभल तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप को अवगत कराया भूमिया प्रधान गजमराम पर लेखपाल सुभाष और उसके साथी लेखपालों ने थाना असमोली में लिखित तहरीर देकर मुकदमा पंजीकृत कराया और न्याय की गुहार लगाई साथी लेखपालों का और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भू माफिया और दबंग प्रधान गजमराम पर उचित कार्रवाई होगी। प्रधान के समर्थकों पर तालाब की जमीन पर

बने दो मकान तोड़े एक बीघा भूमि पर अवैध कब्जा हटाया अन्य तालाब भी चिन्हितसंभल में तालाब और कब्रिस्तान की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। सीओ असमोली, तहसीलदार और नायब तहसीलदार सहित राजस्व टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान लोहे के बड़े गेट, बाउंड्री वॉल और शौचालय को ध्वस्त कर दिया गया शुक्रवार को संभल तहसील प्रशासन और असमोली पुलिस ने गांव मातीपुर मझरा धकतोड़ा में कार्रवाई की। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल और सीओ असमोली कुलदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।तालाब और कब्रिस्तान की भूमि पर हुए अवैध कब्जे की पैमाइश की गई, जिसके बाद दो बुलडोजर बुलाए गए। लगभग दो घंटे की पैमाइश के बाद शाम 5 बजे बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ और करीब 40 मिनट में अवैध निर्माण हटा दिया गया।तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह जमीन गाटा संख्या 680 है, जो सरकारी रिकॉर्ड में तालाब के नाम पर दर्ज है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2025 में धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद जाकिर नामक व्यक्ति ने अपना कब्जा हटा लिया था।हालांकि, सादिक और अनीस ने कब्जा नहीं छोड़ा, बल्कि वहां पक्का मकान बनाकर इसे और बढ़ा दिया था।तहसीलदार ने यह भी बताया कि अन्य तालाबों को भी चिन्हित कर लिया गया है और उन पर भी धारा 67 के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इन पर भी इसी तरह की बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गाटा संख्या 680 पर सादिक और अनीस का कब्जा था, जिस पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के लिए गांव में दो राजस्व निरीक्षक, 15 लेखपाल और दो दरोगा सहित 25 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। बुलडोजर एक्शन के दौरान पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।