एस पी तंवर
बिजनौर (परिपाटी न्यूज़ ) नजीबाबाद, चचेरी बहन से मोहब्बत करने पर समीर को मौत के घाट उतारा गया। समीर के चाचा ने भाड़े के हत्यारों से भतीजे समीर की हत्या कराई। समीर को रास्ते से हटाने के लिए उसके चाचा ने 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी। जलालाबाद के निकट हाईवे पर किरतपुर के मोहल्ला अहमद खेल निवासी 25 वर्षीय समीर का शव मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। 21 दिसंबर को हुई समीर की हत्या मामले में समीर के पिता दिलशाद ने रफीक और उसके दोनों पुत्रों राहत व रफत और एक अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी।

जैनुल ने महिला के नाम से फर्जी आईडी बनाकर समीर को विश्वास में लिया और साथियों के साथ मफलर से गला घोंटकर उसे ठिकाने लगा दिया। थाना प्रभारी राहुल सिंह, स्वाट टीम प्रभारी सचिन मलिक, सर्विलांस प्रभारी सुनील कुमार ने उपनिरीक्षकों नरेंद्र शर्मा, नक्षत्र पाल, सौरभ सिंह, समय पाल के साथ मामले का खुलासा किया। पुलिस ने किरतपुर निवासी रफीक अहमद उसके पुत्र राहत व रफत और अरशद को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मृतक समीर का टूटा हुआ मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त कार और मफलर भी बरामद कर लिया। घटना को अंजाम देने वाले भाड़े के हत्यारों दिल्ली निवासी जैनुल और सलीम, संभल निवासी आरिफ की पुलिस तलाश में जुटी है। एएसपी सिटी डॉ.केजी सिंह ने घटना का खुलासा किया। सीओ नितेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस, स्वाट और नजीबाबाद पुलिस टीम ने मामले की विवेचना की। विवेचना में नाम आने पर नजीबाबाद के मुगलूशाह निवासी अरशद पुत्र रशीद को गिरफ्तार किया। अरशद की गिरफ्तारी के बाद घटना की तह खुलती गई। रफीक ने अपने पुत्रों से मिलकर दिल्ली के झाड़ फूंक करने वाले जैनुल से संपर्क किया। समीर को रास्ते से हटाने के लिए 20 लाख रुपये का सौदा हुआ। उन्होंने कहा कि प्रेम-प्रसंग में हुई हत्या के फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। समीर अपनी चचेरी बहन से मोहब्बत करता था। समीर को रास्ते से हटाने के लिए उसके चाचा मोहल्ला अहमद खेल निवासी रफीक ने अपने पुत्रों राहत और रफत के साथ योजना बनाकर भाड़े के हत्यारों से समीर को ठिकाने लगवा दिया।