
हरिओम सिंह
लखीमपुर (खीरी परिपाटी न्यूज) ब्लाक नकहा ग्राम पंचायत सैदी पुर हरैया समेत कई गांवों में मनरेगा में फर्जी हाजरी का खेल सामने आया है, जिसमें अधिकारी, जेई, रोजगार सेवक, और प्रधान की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। बरसात के दिनों में भी मजदूरों को काम पर दिखाया जाता है, जबकि हकीकत में कोई कार्य नहीं होता— ये सिर्फ कागजों पर दिखाया जाता है, और ऑनलाइन हाजरी लगाई जाती है।बारिश में फर्जी हाजरी का मामला कई जगहों पर लगातार बारिश के दौरान भी मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि श्रमिक वास्तव में काम नहीं कर रहे हैं।
ऑनलाइन हाजरी एनएमएस ऐप के जरिए बनाई जाती है, लेकिन गड़बड़ियों की खबरें आम हैं।पुराने फोटो बार-बार अपलोड कर मजदूरों की झूठी हाजरी लगाई जाती है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।

जेई, प्रधान, और रोजगार सेवक की भूमिका स्थानीय स्तर पर प्रधान, रोजगार सेवक, और कार्यक्रम अधिकारी मिलकर कमीशन के खेल को अंजाम देते हैं जांच पड़ताल के बाद कई मामलों में कार्यवाही और जुर्माने भी लगाए गए हैं, मगर फर्जीवाड़ा पूरी तरह नहीं रुक पा रहा।विभागीय कार्रवाई और रोकथाम मनरेगा की हाजिरी की निगरानी के लिए नई पहल जैसे हेल्पडेस्क और मोबाइल ऐप्स शुरू हो रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर छद्म हाजिरियों के मामले लगातार सामने आते हैं।अधिकारी शिकायत मिलने पर जांच और रिकवरी का भरोसा दिला रहे हैं। नागरिकों की शिकायतें ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायतें की जाती रही हैं कि मजदूरों की उपस्थिति सिर्फ मस्टर रोल में होती है, और असल में श्रमिकों का कोई कार्य नहीं होता है।।सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा है; वास्तव में मजदूरों के घरों में रोजगार के बजाय संघर्ष बढ़ रहा है।इस प्रकार, ग्राम पंचायत सैदी पुर हरैया जैसे क्षेत्रों में मनरेगा में फर्जी हाजरी का मामला गंभीर है, विभागीय कार्यवाही के बावजूद भ्रष्टाचार और कागजी खेल चल रहा है।