
संवाददाता-हर्षित भारद्वाज/परिपाटी न्यूज मीडिया
चान्दपुर,बिजनौर पीपीएन। यह वैशाखी मोहिनी एकादशी व्रत जरूर करें-संघर्षी
मास शुक्ल पक्ष रविवार को “श्री मोहिनी एकादशी” पर “तृस्पर्शा वन्जुला महाद्वादशी” का सौ वर्षों उपरांत एक “दुर्लभ संयोग” बन रहा है,यह फिर हमारे । “गरूड़ पुराण में भी भगवान जी ने कहा है, कि “एकादशियों में जीवन में आये या ना आये, इसीलिए यह वृत हमें कल जरुर रखना चाहिए मुझे श्री मोहिनी एकादशी तृस्पर्शा वन्जुला महाद्वादशी संयुक्त रूप वाली एकादशी अति प्रिय है”। जिसका सौ वर्षों उपरांत एक दुर्लभ संयोग पड़ता है।
इस योग “स्वरूप लाखों एकादशी” व्रत का फल केवल इस “योग वाली एकादशी” का एक बार ही वृत रखनें से मिल जाता है।आप सब अपनी शारीरिक स्थिति अनुसार हो सके तो यह वृत “निर्जला” भी कर सकते हैं।वरना “फलाहार वाला वृत” तो सभी सनातनी बंधुवर रख सकतें हैं। क्योंकि कुशल व्यापारी को जैसे हर वक्त धन कमाने की प्रबल लालसा रहती है।उसी प्रकार एक कुशल भक्त या परमार्थी व्यक्ति को भी हर क्षण धर्म संग्रह की भूख बनी रहनी चाहिए। संतों ने कहा है कि,
राम नाम की लूट है,
लूट सके तो लूट।।
अंत काल पछतायेंगे,
जब प्राण जायेंगे छूट।।
प्रार्थना है कि हे! भगवान आप ही जड़-चेतन की रक्षा करते हो,इस महामारी से भी आप ही,सम्पूर्ण विश्व की रक्षा कर सकते हो, प्रभुजी अब हम हार चुके हैं,अब आप ही हमारी रक्षा करो,आज आपके सम्पूर्ण जगत में चारों और त्राहिमाम-त्राहिमाम की चीत्कार मच रही है।
हे! नारायण हम सब भक्त आपकी शरण में हैं।आप सम्पूर्ण विश्व की रक्षा करों।-संघर्षी
महंत-पं0रविन्द्र भारद्वाज संघर्षी जी महाराज
श्री विष्णु धाम मंदिर व आश्रम मौ0गोकुल नगर
चांदपुर बिजनौर उत्तर प्रदेश
