
हरिओम सिंह
लखीमपुर (परिपाटी न्यूज) धौरहरा ब्लॉक ग्राम बसंतापुर और आसपास की गौशालाएँ स्थिति भयावह: भूख, प्यास, बीमारी और बदइंतजामी से रोजाना मर रहे हैं गौवंश। प्रशासन की लापरवाही: पशु कल्याण विभाग और प्रशासन तक शिकायतें पहुँचने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। अधिकारी और प्रधान “गूंगे-बहरे” बन गए हैं। गौरक्षक की प्रतिक्रिया: प्रदेश गौरक्षा उपाध्यक्ष रिंकू पांडे ने वीडियो जारी कर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस द्वारा धमकाने की बात भी सामने आई।
भ्रष्टाचार का आलम: गौशाला के लिए सालाना लाखों का बजट जारी। जमीनी स्तर पर गायें कंकाल बन चुकी हैं।

चारे और देखभाल के नाम पर केवल दिखावा प्लास्टिक की बंद थैलियों में सडा चारा खिलाएं जा रहा। गंदगी और दुर्दशा: नादों में सड़े हुए जानवरों की लाशें। पानी तक दूषित, गायें प्यास से तड़प रही हैं। हरदी गांव में भी यही हाल: गोवर्धन पूजा पर्व-त्योहारों पर फोटो खिंचवाकर प्रचार; बाकी समय गायें बेसहारा। सोशल मीडिया पर फर्जी “सेवा” की तस्वीरें वायरल।
धन आवंटन में घोटाला: प्रति गौवंश ₹50 की सरकारी सहायता सिर्फ कागजों में बंटती। अधिकारियों और प्रधानों की मिलीभगत से फर्जी रिपोर्टें तैयार। बालश्रम और क्रूरता: गौशाला की देखरेख बच्चों से कराई जा रही। यह पशु क्रूरता और बाल श्रम कानून दोनों का उल्लंघन। सोशल मीडिया पर खुलासा: हरदी गांव की गौशाला की ताज़ा वीडियो और फोटो वायरल।
बावजूद इसके अफसरों ने आँखें मूँद लीं। जन आक्रोश बढ़ा: ग्रामीण और गौ रक्षक सड़कों पर उतरने की तैयारी में।
उच्च अधिकारियों से जांच व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग। ग्रामीण और सनातनियों माँग: पशुओं को समुचित चारा, स्वच्छ पानी व दवा दी जाए। दोषियों पर कार्रवाई कर गौशालाओं की हालत सुधारे जाए।